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मात्र दस फीसदी शिक्षक ही लगा रहे बायोमेट्रिक से उपस्थिति

Fri, 29 Dec 2017 11:25 PM IST
Updated Fri, 29 Dec 2017 11:25 PM IST
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मात्र दस फीसदी शिक्षक ही लगा रहे बायोमेट्रिक से उपस्थिति

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पिथौरागढ़।
जिले में शिक्षकों और कर्मचारियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति के लिए जो एप तैयार किया गया है, उसका उपयोग सिर्फ दस फीसदी शिक्षक, कर्मचारी ही कर रहे हैं। डीएम सी रविशंकर ने कहा कि जिस कर्मचारी की उपस्थिति बायोमेट्रिक माध्यम से नहीं आएगी, उसका वेतन आहरित नहीं किया जाएगा। इसके लिए मुख्य शिक्षा अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है।


शुक्रवार को यहां सर्व शिक्षा अभियान की समीक्षा में डीएम ने कहा कि जीर्ण शीर्ण और क्षतिग्रस्त विद्यालय भवनों की सूची 15 दिन के भीतर उपलब्ध कराएं, ताकि उनकी मरम्मत के लिए धन की व्यवस्था की जा सके। जिन विकासखंडों में बीएडीपी योजना चल रही है, उनमें बीएडीपी की मद से विद्यालय भवनों की मरम्मत की जाएगी। मुनस्यारी तहसील के राजकीय हाइस्कूल रांथी के भवन निर्माण का काम दो साल बाद भी पूरा न होने पर डीएम ने कार्यदायी संस्था लोनिवि के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि के आदेश दिए।
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बताया गया कि रमसा के तहत बन रहे 18 विद्यालय भवनों का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। रमसा के परियोजना अधिकारी एके गुंसाई ने बताया कि जिले के 202 विद्यालयों को प्रति विद्यालय 30 हजार रुपये की राशि प्रति विद्यालय पुस्तक खरीदने और कौशल विकास के लिए दी गई है। इसके अलावा कक्षा नौ की 3395 छात्र-छात्राओं को शैक्षिक भ्रमण कराया गया। प्रत्येक विद्यार्थी को 200 रुपये की राशि दी गई। डीएम ने कहा कि हर विद्यालय में एक-एक पुस्तकालय बनेगा और फरवरी में पुस्तक मेले का आयोजन कर उपयोगी पुस्तकें खरीदी जाएंगी।
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