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बगैर सरकारी सहायता के बनेगा धार्मिक स्थल
Updated Fri, 22 Sep 2017 11:11 PM IST
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अस्कोट (पिथौरागढ़)। धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में काम कर रहे आगांव के मूल निवासी एवं आईटीबीपी के अवकाश प्राप्त कमांडेंट जनार्दन पंत की पहल पर इलाके के लोगों ने धार्मिक पर्यटन के लिए जमीन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। पंत ने कहा कि पहाड़ पर धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जाए तो यहां रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे। कहा कि बगैर सरकारी सहायता के इस काम को पूरा करने के लिए जनता को आगे आना होगा।
जीआईसी गर्खा के सभागार में माधव सिंह कन्याल की अध्यक्षता और सतीश चंद्र पंत के संचालन में हुई बैठक में पंत ने कहा कि ज्योर्तिलिंगों के साथ ही बदरीनाथ, केदारनाथ के प्रतीकात्मक मंदिर बनाए जाएंगे। पर्यटन की सुविधाएं जुटाई जाएंगी। वृंदावन की तर्ज पर स्थल को विकसित किया जाएगा। पर्यटकों को यहां लाया जा सके, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। कहा कि धार्मिक स्थल के लिए 100 नाली जमीन की आवश्यकता होगी। बैठक में मौजूद लोगों ने जमीन उपलब्ध कराने में हरसंभव सहयोग देने की बात कही।
बैठक में डांगटी के प्रधान कृष्ण सिंह पोखरिया, नरेत के प्रधान नरेंद्र सिंह बिष्ट, सूनाकोट के प्रधान उमेश भट्ट, बाराकोट के प्रधान चंदन सिंह कन्याल, चौसाल के प्रधान दीवान सिंह ऐरी, जिला पंचायत सदस्य जमुना लोहिया, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य सुनील पोखिरिया, चौसाल के क्षेत्र पंचायत सदस्य त्रिलोक सिंह बिष्ट, प्रोफेसर माधो सिंह पोखरिया, प्रधानाचार्य कैलाश पांडे आदि मौजूद थे।
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जीआईसी गर्खा के सभागार में माधव सिंह कन्याल की अध्यक्षता और सतीश चंद्र पंत के संचालन में हुई बैठक में पंत ने कहा कि ज्योर्तिलिंगों के साथ ही बदरीनाथ, केदारनाथ के प्रतीकात्मक मंदिर बनाए जाएंगे। पर्यटन की सुविधाएं जुटाई जाएंगी। वृंदावन की तर्ज पर स्थल को विकसित किया जाएगा। पर्यटकों को यहां लाया जा सके, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। कहा कि धार्मिक स्थल के लिए 100 नाली जमीन की आवश्यकता होगी। बैठक में मौजूद लोगों ने जमीन उपलब्ध कराने में हरसंभव सहयोग देने की बात कही।
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बैठक में डांगटी के प्रधान कृष्ण सिंह पोखरिया, नरेत के प्रधान नरेंद्र सिंह बिष्ट, सूनाकोट के प्रधान उमेश भट्ट, बाराकोट के प्रधान चंदन सिंह कन्याल, चौसाल के प्रधान दीवान सिंह ऐरी, जिला पंचायत सदस्य जमुना लोहिया, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य सुनील पोखिरिया, चौसाल के क्षेत्र पंचायत सदस्य त्रिलोक सिंह बिष्ट, प्रोफेसर माधो सिंह पोखरिया, प्रधानाचार्य कैलाश पांडे आदि मौजूद थे।
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