{"_id":"5fc281608ebc3e9bde7be71d","slug":"two-handicapped-of-the-district-selected-for-state-level-award-pauri-news-drn3631682156","type":"story","status":"publish","title_hn":"राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए जिले के दो दिव्यांग चयनित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए जिले के दो दिव्यांग चयनित
विज्ञापन
जनपद के दो दिव्यांगों का चयन राज्य स्तरीय दिव्यांग पुरस्कार के लिए हुआ है। इनमें एक दिव्यांग दक्ष कर्मचारी हैं, जबकि दूसरे स्वरोजगार से जुड़े हैं। चयनित दिव्यांगों को विश्व दिव्यांग दिवस पर जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल सम्मानित करेंगे।
समाज कल्याण विभाग की ओर से वर्ष 2020-21 को राज्य स्तरीय दिव्यांग पुरस्कार के लिए जनपद के दो दिव्यांगों का चयन हो गया है। अपर जिला समाज कल्याण अधिकारी विनोद कुमार उनियाल ने बताया कि तहसील सतपुली के खड़कोली गांव निवासी दिव्यांग जितेंद्र सिंह रावत और विकास खंड यमकेश्वर के जोग्याणा गांव निवासी दिव्यांग सतेंद्र सिंह नेगी का चयन हुआ है। चयनित दिव्यांग जितेंद्र सिंह जयहरीखाल में उद्यान पर्यवेक्षक के रूप में सेवारत हैं। जितेंद्र सिंह रावत ने कहा कि विभाग की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना उनका लक्ष्य है।
दूसरे दिव्यांग सतेंद्र सिंह नेगी स्थानीय उत्पादों व जड़ी-बूटियों को संग्रहित कर उनका विपणन (मार्केटिंग) करते हैं। सतेंद्र ने बताया कि वे दिल्ली में टेलीकॉम सेक्टर में कार्य कर रहे थे, लेकिन कोरोना महामारी के चलते जून में गांव लौटे और यहीं स्वरोजगार शुरू किया। सतेंद्र की पत्नी व दो बेटे उनका सहयोग करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
समाज कल्याण विभाग की ओर से वर्ष 2020-21 को राज्य स्तरीय दिव्यांग पुरस्कार के लिए जनपद के दो दिव्यांगों का चयन हो गया है। अपर जिला समाज कल्याण अधिकारी विनोद कुमार उनियाल ने बताया कि तहसील सतपुली के खड़कोली गांव निवासी दिव्यांग जितेंद्र सिंह रावत और विकास खंड यमकेश्वर के जोग्याणा गांव निवासी दिव्यांग सतेंद्र सिंह नेगी का चयन हुआ है। चयनित दिव्यांग जितेंद्र सिंह जयहरीखाल में उद्यान पर्यवेक्षक के रूप में सेवारत हैं। जितेंद्र सिंह रावत ने कहा कि विभाग की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना उनका लक्ष्य है।
विज्ञापन
दूसरे दिव्यांग सतेंद्र सिंह नेगी स्थानीय उत्पादों व जड़ी-बूटियों को संग्रहित कर उनका विपणन (मार्केटिंग) करते हैं। सतेंद्र ने बताया कि वे दिल्ली में टेलीकॉम सेक्टर में कार्य कर रहे थे, लेकिन कोरोना महामारी के चलते जून में गांव लौटे और यहीं स्वरोजगार शुरू किया। सतेंद्र की पत्नी व दो बेटे उनका सहयोग करते हैं।
विज्ञापन