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गढ़वाल विवि के सीएमटीएसएस में संचालित होगा टूरिस्ट गाइड कोर्स
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एचएनबी गढ़वाल (केंद्रीय विश्वविद्यालय) श्रीनगर का पर्वतीय पर्यटन एवं आथित्य अध्ययन केंद्र (सीएमटीएचएस) उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के साथ मिलकर टूरिस्ट गाइड कोर्स शुरू करने जा रहा है। इसका सिलेबस भी लगभग तैयार हो चुका है। जुलाई से कोर्स के शुरू होने की उम्मीद है।
वर्तमान में गढ़वाल विवि सीएमटीएचएस दो वर्षीय एमबीए-टूरिज्म, एक वर्षीय पीजी डिप्लोमा इन टूरिज्म और चार वर्षीय बीएचएम (बैचलर ऑफ होटल मैनेजमेंट) कोर्स संचालित कर रहा है। अब यहां टूरिस्ट गाइड कोर्स भी संचालित किया जाएगा। इस संबंध में उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद की सहमति मिल चुकी है।
विभाग के परियोजना अधिकारी डॉ. सर्वेश उनियाल ने बताया कि कोर्स की अवधि 10-10 दिन की होगी। कोर्स में स्थानीय तीर्थ स्थलों, पर्यटन स्थलों, स्थानीय लोक कला, खान-पान, स्थानीय उत्पाद, साहसिक पर्यटन, पर्यावरण, जीव-जंतुओं और जैव विविधता से जुड़े विषय शामिल किए गए हैं। इसके तहत प्रशिक्षुओं के लिए चयनित स्थलों पर जनपदवार कोर्स संचालित होंगे।
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डॉ. उनियाल ने बताया कि कोर्स पूरा होने पर आवश्यक परीक्षा के उपरांत परिषद टूरिस्ट गाइड के लाइसेंस जारी करेगा। इसके बाद संबंधित युवा पर्यटन उद्योग में रोजगार के अवसर पा सकेंगे। उन्होंने बताया कि टूरिस्ट गाइड कोर्स के अलावा डेस्टीनेशन गाइड कोर्स भी चलेगा। इसमें युवाओं को विशेष पर्यटन स्थल के मुताबिक गाइड के रूप में तैयार किया जाएगा।
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वर्तमान में गढ़वाल विवि सीएमटीएचएस दो वर्षीय एमबीए-टूरिज्म, एक वर्षीय पीजी डिप्लोमा इन टूरिज्म और चार वर्षीय बीएचएम (बैचलर ऑफ होटल मैनेजमेंट) कोर्स संचालित कर रहा है। अब यहां टूरिस्ट गाइड कोर्स भी संचालित किया जाएगा। इस संबंध में उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद की सहमति मिल चुकी है।
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विभाग के परियोजना अधिकारी डॉ. सर्वेश उनियाल ने बताया कि कोर्स की अवधि 10-10 दिन की होगी। कोर्स में स्थानीय तीर्थ स्थलों, पर्यटन स्थलों, स्थानीय लोक कला, खान-पान, स्थानीय उत्पाद, साहसिक पर्यटन, पर्यावरण, जीव-जंतुओं और जैव विविधता से जुड़े विषय शामिल किए गए हैं। इसके तहत प्रशिक्षुओं के लिए चयनित स्थलों पर जनपदवार कोर्स संचालित होंगे।
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डॉ. उनियाल ने बताया कि कोर्स पूरा होने पर आवश्यक परीक्षा के उपरांत परिषद टूरिस्ट गाइड के लाइसेंस जारी करेगा। इसके बाद संबंधित युवा पर्यटन उद्योग में रोजगार के अवसर पा सकेंगे। उन्होंने बताया कि टूरिस्ट गाइड कोर्स के अलावा डेस्टीनेशन गाइड कोर्स भी चलेगा। इसमें युवाओं को विशेष पर्यटन स्थल के मुताबिक गाइड के रूप में तैयार किया जाएगा।