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सीएम के निर्देश के बाद भी नहीं मिली प्रभावितों को सहायता
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नगर पालिका क्षेत्र की शांता नदी में 11 मई को आई बाढ़ से कई दुकानें, आईटीआई और अन्य परिसंपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा था। इसके बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्र का भ्रमण कर तत्काल सहायता देने के निर्देश दिए थे, लेकिन दो माह बाद भी प्रभावितों को किसी भी प्रकार की सहायता नहीं दी गई है। उल्टा पालिका ने आपदा से क्षतिग्रस्त दुकानों के शटर बदलने पर दुकानदारों को वसूली के नोटिस जारी कर दिए हैं। इससे प्रभावितों में आक्रोश है।
बादल फटने से देवप्रयाग नगर से होकर बहने वाली शांता नदी उफान पर आ गई थी। इससे आईटीआई के तीन मंजिला भवन सहित करीब दस दुकानें जमींदोज हो गई थीं। मामला गृह मंत्री अमित शाह के संज्ञान में आने पर तत्कालीन मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने अगले दिन प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया था। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद प्रशासन को पीड़ितों को तत्काल सहायता देने के निर्देश भी दिए थे। एडीएम शिवचरण द्विवेदी ने नगर पालिका को अपनी क्षतिग्रस्त दुकानों की मरम्मत कर शटर बदलने को कहा था। अब पालिका ने शटर तो बदल दिए हैं लेकिन उसमें खर्च हुई धनराशि की वसूली के लिए प्रभावित दुकानदारों को नोटिस जारी कर दिए हैं। प्रभावित हरीकृष्ण भट्ट ने बताया कि यह दुकानें पालिका की हैं लेकिन उन्होंने अपनी ही दुकानों के शटर बदलने के उनको 57 हजार का बिल थमा दिया है। दो माह का किराया भी मांगा जा रहा है। उन्होंने पालिका की कार्रवाई के खिलाफ न्यायालय की शरण में जाने की चेतावनी दी है।
कोट :
व्यापारियों को अभी नोटिस भेजे गए हैं लेकिन किसी ने पैसा जमा नहीं किया है। अब बोर्ड बैठक में निर्णय लेने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।-बीएस बिष्ट, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका देवप्रयाग।
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बादल फटने से देवप्रयाग नगर से होकर बहने वाली शांता नदी उफान पर आ गई थी। इससे आईटीआई के तीन मंजिला भवन सहित करीब दस दुकानें जमींदोज हो गई थीं। मामला गृह मंत्री अमित शाह के संज्ञान में आने पर तत्कालीन मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने अगले दिन प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया था। इस दौरान मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद प्रशासन को पीड़ितों को तत्काल सहायता देने के निर्देश भी दिए थे। एडीएम शिवचरण द्विवेदी ने नगर पालिका को अपनी क्षतिग्रस्त दुकानों की मरम्मत कर शटर बदलने को कहा था। अब पालिका ने शटर तो बदल दिए हैं लेकिन उसमें खर्च हुई धनराशि की वसूली के लिए प्रभावित दुकानदारों को नोटिस जारी कर दिए हैं। प्रभावित हरीकृष्ण भट्ट ने बताया कि यह दुकानें पालिका की हैं लेकिन उन्होंने अपनी ही दुकानों के शटर बदलने के उनको 57 हजार का बिल थमा दिया है। दो माह का किराया भी मांगा जा रहा है। उन्होंने पालिका की कार्रवाई के खिलाफ न्यायालय की शरण में जाने की चेतावनी दी है।
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कोट :
व्यापारियों को अभी नोटिस भेजे गए हैं लेकिन किसी ने पैसा जमा नहीं किया है। अब बोर्ड बैठक में निर्णय लेने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।-बीएस बिष्ट, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका देवप्रयाग।
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