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डा. शिवानंद नौटियाल को किया याद, दी भावभीनी श्रद्घांजलि
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पौड़ी/पाबौ। उत्तर प्रदेश के पूर्व उच्च शिक्षा व पर्वतीय विकास मंत्री डॉ. शिवानंद नौटियाल को उनकी 86वीं जयंती पर याद किया गया। उनके पैतृक गांव कोठला व मुख्यालय पौड़ी में लोगों ने उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लेते हुए डॉ. नौटियाल को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र प्रसाद नौटियाल ने कहा कि दिवंगत डॉ. शिवानंद नौटियाल ने अपने जीवनकाल में यूं तो अनेक कार्य किए, लेकिन उन्हें समाज आज भी शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए अतुलनीय योगदान को याद करता है। इसका लाभ युवा पीढ़ी को युगों-युगों तक मिलता रहेगा। डॉ. शिवानंद ने 100 से अधिक पुस्तकें लिखी हैं। नौटियाल ने बताया कि वह विधान सभा पौड़ी से दो और कर्णप्रयाग सीट से छह बार विधायक रहे, लेकिन उन्होंने हमेशा पहाड़ की पीड़ा को आत्मसात करते हुए समस्याओं के समाधान करने का काम किया। वहीं मुख्यालय पौड़ी के गढ़वाल मंडल बहुउद्देशीय सहकारी समिति कार्यालय में स्व. डॉ. नौटियाल को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर समिति के सचिव रमेश उप्रेती ने बताया कि पहाड़ के दूरस्थ क्षेत्रों को सस्ती यातायात सुविधा मिल सके, इसके लिए डॉ. शिवानंद ने इस समिति का गठन किया था। पौड़ी व कोठला में उन्हें श्रद्धांजलि देने वालो में कांता प्रसाद, संजय नौटियाल, देवी प्रसाद, प्रिया नौटियाल, मनोज नौडियाल, कमला देवी, शानू, पारेश्वर भट्ट, राजेंद्र सिंह नेगी, यशोदा कठैत, शैलेंद्र सिंह, विजय धनाई, विजय रावत, सूरज सिंह शामिल रहे।
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इस मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र प्रसाद नौटियाल ने कहा कि दिवंगत डॉ. शिवानंद नौटियाल ने अपने जीवनकाल में यूं तो अनेक कार्य किए, लेकिन उन्हें समाज आज भी शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए अतुलनीय योगदान को याद करता है। इसका लाभ युवा पीढ़ी को युगों-युगों तक मिलता रहेगा। डॉ. शिवानंद ने 100 से अधिक पुस्तकें लिखी हैं। नौटियाल ने बताया कि वह विधान सभा पौड़ी से दो और कर्णप्रयाग सीट से छह बार विधायक रहे, लेकिन उन्होंने हमेशा पहाड़ की पीड़ा को आत्मसात करते हुए समस्याओं के समाधान करने का काम किया। वहीं मुख्यालय पौड़ी के गढ़वाल मंडल बहुउद्देशीय सहकारी समिति कार्यालय में स्व. डॉ. नौटियाल को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर समिति के सचिव रमेश उप्रेती ने बताया कि पहाड़ के दूरस्थ क्षेत्रों को सस्ती यातायात सुविधा मिल सके, इसके लिए डॉ. शिवानंद ने इस समिति का गठन किया था। पौड़ी व कोठला में उन्हें श्रद्धांजलि देने वालो में कांता प्रसाद, संजय नौटियाल, देवी प्रसाद, प्रिया नौटियाल, मनोज नौडियाल, कमला देवी, शानू, पारेश्वर भट्ट, राजेंद्र सिंह नेगी, यशोदा कठैत, शैलेंद्र सिंह, विजय धनाई, विजय रावत, सूरज सिंह शामिल रहे।
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