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अनमोल बिस्किट निर्माता कंपनी पर लगा एक लाख का जुर्माना
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देश की प्रमुख बिस्किट निर्माता कंपनी अनमोल पर मिथ्या छाप (मिस ब्रांड) लगाकर उत्पाद विक्रय करना महंगा पड़ गया है। न्यायालय अभिनिर्णायक अधिकारी की अदालत ने कंपनी पर एक लाख और बिस्किट के विक्रेता व थोक विक्रेताओं पर 40-40 हजार का जुर्माना लगाया है। अदालत ने जुर्माना राशि 15 दिनों के भीतर जमा करने के निर्देश दिए हैं।
जनपद के निकाय क्षेत्र कोटद्वार में खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनिल कुमार ने 27 अगस्त 2015 को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच की। इसी दौरान लक्ष्मी मिष्ठान भंडार में उन्होंने संशय होने पर अनमोल बटर बेक काजू कुकीज बिस्किट का सैंपल लिया। सैंपल को खाद्य विश्लेषक रुद्रपुर ऊधमसिंह नगर जांच के लिए भेजा गया। 24 सितंबर 2015 को जांच रिपोर्ट में अनमोल बटर बेक काजू कुकीज बिस्किट मिथ्या छाप (मिस ब्रांडेड) घोषित कर दिया गया। जिला खाद्य सुरक्षा विभाग ने बिस्किट निर्माता कंपनी, विक्रेता व थोक विक्रेता को नोटिस भेजा। लेकिन किसी की ओर से मामले में कोई जवाब नहीं दिया। विभाग ने इसे घौर लापरवाही करार देते हुए तीनों के खिलाफ 10 फरवरी 2016 को खाद्य सुरक्षा अधिनियम की धारा का उल्लंघन करने पर न्यायालय अभिनिर्णायक अधिकारी की अदालत में वाद दायर किया। न्यायालय अभिनिर्णायक अधिकारी/अपर जिलाधिकारी पौड़ी डॉ एसके बरनवाल की अदालत ने मामले की सुनवाई करते बिस्किट निर्माता कंपनी को खाद्य सुरक्षा अधिनियम का दोषी पाया। अदालत ने मिथ्या छाप बिस्टि की निर्माता कंपनी, विक्रेता व थोक विक्रेता पर 1.80 लाख का जुर्माना लगाते हुए तीनों को 15 दिनों के भीतर जुर्माना राशि जमा किए जाने के निर्देश दिए हैं। जिला अभिहित अधिकारी प्रमोद रावत ने बताया कि न्यायालय अभिनिर्णायक अधिकारी की अदालत ने अनमोल बेकर्स एलआईसी बोस रोड क्रिसेंट टावर कोलकाता व अनमोल इंडस्ट्रीज ए एंड एफ उद्योग विहार ग्रेटर नोएडा को मिथ्या छाप लगाकर बिस्किट का विक्रय करने का दोषी पाया है। अदालत ने बिस्किट निर्माता कंपनी पर एक लाख का जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने बताया कि बिस्किट विक्रेता सतीश सिंह लक्ष्मी मिष्ठान भंडार कोटद्वार व थोक विक्रेता दीपक ट्रेडर्स कोटद्वार पर 40-40 हजार का जुर्माना लगाया है।
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जनपद के निकाय क्षेत्र कोटद्वार में खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनिल कुमार ने 27 अगस्त 2015 को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच की। इसी दौरान लक्ष्मी मिष्ठान भंडार में उन्होंने संशय होने पर अनमोल बटर बेक काजू कुकीज बिस्किट का सैंपल लिया। सैंपल को खाद्य विश्लेषक रुद्रपुर ऊधमसिंह नगर जांच के लिए भेजा गया। 24 सितंबर 2015 को जांच रिपोर्ट में अनमोल बटर बेक काजू कुकीज बिस्किट मिथ्या छाप (मिस ब्रांडेड) घोषित कर दिया गया। जिला खाद्य सुरक्षा विभाग ने बिस्किट निर्माता कंपनी, विक्रेता व थोक विक्रेता को नोटिस भेजा। लेकिन किसी की ओर से मामले में कोई जवाब नहीं दिया। विभाग ने इसे घौर लापरवाही करार देते हुए तीनों के खिलाफ 10 फरवरी 2016 को खाद्य सुरक्षा अधिनियम की धारा का उल्लंघन करने पर न्यायालय अभिनिर्णायक अधिकारी की अदालत में वाद दायर किया। न्यायालय अभिनिर्णायक अधिकारी/अपर जिलाधिकारी पौड़ी डॉ एसके बरनवाल की अदालत ने मामले की सुनवाई करते बिस्किट निर्माता कंपनी को खाद्य सुरक्षा अधिनियम का दोषी पाया। अदालत ने मिथ्या छाप बिस्टि की निर्माता कंपनी, विक्रेता व थोक विक्रेता पर 1.80 लाख का जुर्माना लगाते हुए तीनों को 15 दिनों के भीतर जुर्माना राशि जमा किए जाने के निर्देश दिए हैं। जिला अभिहित अधिकारी प्रमोद रावत ने बताया कि न्यायालय अभिनिर्णायक अधिकारी की अदालत ने अनमोल बेकर्स एलआईसी बोस रोड क्रिसेंट टावर कोलकाता व अनमोल इंडस्ट्रीज ए एंड एफ उद्योग विहार ग्रेटर नोएडा को मिथ्या छाप लगाकर बिस्किट का विक्रय करने का दोषी पाया है। अदालत ने बिस्किट निर्माता कंपनी पर एक लाख का जुर्माना लगाया गया है। उन्होंने बताया कि बिस्किट विक्रेता सतीश सिंह लक्ष्मी मिष्ठान भंडार कोटद्वार व थोक विक्रेता दीपक ट्रेडर्स कोटद्वार पर 40-40 हजार का जुर्माना लगाया है।
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