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टैक्सी/मैक्सी महासंघ ने किया वाहन टैक्स और जीपीएस की अनिवार्यता का विरोध
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पर्वतीय टैक्सी/मैक्सी महासंघ ने वाहनों पर लगाए गए भारी टैक्स और पर्वतीय क्षेत्रों में जीपीएस की अनिवार्यता का घोर विरोध किया है। इस संबंध में महासंघ ने परिवहन मंत्री व स्वास्थ्य एवं शिक्षामंत्री को ज्ञापन सौंपकर टैक्सी/मैक्सी चालकों को राहत दिए जाने की मांग की है।
परिवहन मंत्री चंदनराम दास तथा स्वस्थ्य एवं शिक्षामंत्री डा. धन सिंह रावत को सौंपे ज्ञापन में महासंघ के अध्यक्ष डा. मदन मोहन नवानी, संरक्षक कोतवाल सिंह नेगी व सचिव महावीर बहुगुणा ने कहा कि विगत दो वर्षों से कोरोना महामारी के कारण टैक्सी/ मैक्सी चालक भारी अर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। इस दौरान व्यवसाय ठप होने से वाहन स्वामी बैंक से लिए गए ऋण की किस्त नहीं चुका पाए हैं। अब जबकि व्यवसाय पटरी पर लौट रहा है। सरकार की ओर से वाहनों पर विभिन्न प्रकार के भारी टैक्स और जीपीएस की अनिवार्यता थोपी गई है। महासंघ ने पर्वतीय क्षेत्रों में वाहनों पर जीपीएस सिस्टम लगाए जाने की अनिवार्यता को समाप्त किए जाने, कोविड काल से पहले पंजीकृत वाहनों की आयु सीमा दो वर्ष बढ़ाने, निजी वाहनों पर सवारियां ढोने पर रोक लगाने, वाहनों का पंजीकरण यूनियनों में अनिवार्य करने, चुनाव ड्यूटी में लगे वाहनों का भुगतान कोविड काल में सेवा देने वाले वाहनों की तर्ज पर किए जाने और पर्वतीय क्षेत्रों में चालकों के लिए सीट बेल्ट की अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालों में हरिकृष्ण कंसवाल, चंडी प्रसाद बहुगुणा, रमेश आर्य, अनिल बेलवाल, सुरेंद्र सिंह रावत, वीरेंद्र सिंह रावत, धर्मेंद्र कुंवर, राय सिंह राणा, बलवीर पुंडीर, अर्जुन भंडारी, भगवान सिंह राणा, वीरेंद्र सिंह आदि शामिल थे।
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परिवहन मंत्री चंदनराम दास तथा स्वस्थ्य एवं शिक्षामंत्री डा. धन सिंह रावत को सौंपे ज्ञापन में महासंघ के अध्यक्ष डा. मदन मोहन नवानी, संरक्षक कोतवाल सिंह नेगी व सचिव महावीर बहुगुणा ने कहा कि विगत दो वर्षों से कोरोना महामारी के कारण टैक्सी/ मैक्सी चालक भारी अर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। इस दौरान व्यवसाय ठप होने से वाहन स्वामी बैंक से लिए गए ऋण की किस्त नहीं चुका पाए हैं। अब जबकि व्यवसाय पटरी पर लौट रहा है। सरकार की ओर से वाहनों पर विभिन्न प्रकार के भारी टैक्स और जीपीएस की अनिवार्यता थोपी गई है। महासंघ ने पर्वतीय क्षेत्रों में वाहनों पर जीपीएस सिस्टम लगाए जाने की अनिवार्यता को समाप्त किए जाने, कोविड काल से पहले पंजीकृत वाहनों की आयु सीमा दो वर्ष बढ़ाने, निजी वाहनों पर सवारियां ढोने पर रोक लगाने, वाहनों का पंजीकरण यूनियनों में अनिवार्य करने, चुनाव ड्यूटी में लगे वाहनों का भुगतान कोविड काल में सेवा देने वाले वाहनों की तर्ज पर किए जाने और पर्वतीय क्षेत्रों में चालकों के लिए सीट बेल्ट की अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालों में हरिकृष्ण कंसवाल, चंडी प्रसाद बहुगुणा, रमेश आर्य, अनिल बेलवाल, सुरेंद्र सिंह रावत, वीरेंद्र सिंह रावत, धर्मेंद्र कुंवर, राय सिंह राणा, बलवीर पुंडीर, अर्जुन भंडारी, भगवान सिंह राणा, वीरेंद्र सिंह आदि शामिल थे।
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