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10 एकड़़ भूमि में होगा एनआईटी के अस्थायी कैंपस का विस्तार
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एनआईटी (राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान) उत्तराखंड के अस्थायी कैंपस का विस्तार सीपीडब्लूडी छह माह मेें कर देगी। इसके अलावा सुमाड़ी में प्रस्तावित स्थायी परिसर की डीपीआर भी तैयार की जा रही है। कंपनियों में बेहतर प्लेसमेंट के लिए संस्थान ने ऋषिकेश में पांच एकड़ जमीन की मांग की है। ताकि वहां कंपनियों की ओर से साक्षात्कार लेने आने वाले अधिकारियों के लिए गेस्ट हाउस और इंटरव्यू हॉल बनाया जा सके।
एनआईटी का अस्थायी परिसर आईटीआई और पॉलीटेक्निक के भवनों में संचालित हो रहा है। जगह की कमी की वजह से संस्थान का सेटेलाइट परिसर एनआईटी जयपुर में चल रहा है। इसे देखते हुए प्रदेश सरकार ने रेशम फार्म और आईटीआई की शेष भूमि एनआईटी को हस्तांतरित कर दी है। एनआईटी के निदेशक प्रो. एसएल सोनी ने बताया कि प्रदेश सरकार से लगभग साढ़े 10 एकड़ भूमि मिली है। पूर्व में आईआईटी रुड़की ने इस स्थान पर अस्थायी परिसर निर्माण के लिए 130 करोड़ की डीपीआर दी थी, जिसे एमएचआरडी ने नामंजूर कर दिया। इसके बाद सीपीडब्लूडी से डीपीआर बनवायी गई। जिस पर सहमति बनी है। उन्होंने बताया कि सीपीडब्लूडी 78 करोड़ की लागत से छह माह में छात्रों के लिए प्रयोगशालाएं और छात्रावास का निर्माण करेगी। प्रो. सोनी ने बताया कि सुमाड़ी में स्थायी कैंपस का निर्माण होगा। इसकी डीपीआर बन रही है। इस संबंध में बैठक भी की जाएगी। बताया कि सुमाड़ी शिफ्ट होने से पहले वहां अस्पताल, सामुदायिक भवन और स्कूल का निर्माण भी किया जाएगा। ताकि सभी को आवश्यक सुविधाएं मिल सके।
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एनआईटी का अस्थायी परिसर आईटीआई और पॉलीटेक्निक के भवनों में संचालित हो रहा है। जगह की कमी की वजह से संस्थान का सेटेलाइट परिसर एनआईटी जयपुर में चल रहा है। इसे देखते हुए प्रदेश सरकार ने रेशम फार्म और आईटीआई की शेष भूमि एनआईटी को हस्तांतरित कर दी है। एनआईटी के निदेशक प्रो. एसएल सोनी ने बताया कि प्रदेश सरकार से लगभग साढ़े 10 एकड़ भूमि मिली है। पूर्व में आईआईटी रुड़की ने इस स्थान पर अस्थायी परिसर निर्माण के लिए 130 करोड़ की डीपीआर दी थी, जिसे एमएचआरडी ने नामंजूर कर दिया। इसके बाद सीपीडब्लूडी से डीपीआर बनवायी गई। जिस पर सहमति बनी है। उन्होंने बताया कि सीपीडब्लूडी 78 करोड़ की लागत से छह माह में छात्रों के लिए प्रयोगशालाएं और छात्रावास का निर्माण करेगी। प्रो. सोनी ने बताया कि सुमाड़ी में स्थायी कैंपस का निर्माण होगा। इसकी डीपीआर बन रही है। इस संबंध में बैठक भी की जाएगी। बताया कि सुमाड़ी शिफ्ट होने से पहले वहां अस्पताल, सामुदायिक भवन और स्कूल का निर्माण भी किया जाएगा। ताकि सभी को आवश्यक सुविधाएं मिल सके।
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