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Pauri News: विधिक शिविरों की स्थापना व उद्देश्यों की जानकारियां दीं
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पौड़ी। जिला न्यायालय परिसर में आयोजित विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर में अधिवक्ताओं व कर्मचारियों को राष्ट्रीय, राज्य व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के साथ ही तालुका विधिक सेवा समिति एवं स्थायी लोक अदालत जैसी विधिक संस्थाओं के उद्देश्य व कार्यप्रणालियों की जानकारियां दी गईं।
न्यायायल परिसर में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अकरम अली ने विधिक शिविरों की स्थापना व उनके उद्देश्यों पर विस्तार से रोशनी डाली। उन्होंने सिविल अपील संख्या 9322/2022, मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के बारे में बताया। नालसा (गरीबी उन्मूलन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विधिक सेवाएं) और नालसा (नशीली दवाओं के दुरुपयोग से पीड़ितों के लिए कानूनी सेवाएं एवं नशीली दवाओं के खतरे के उन्मूलन) योजना भी की विस्तृत जानकारियां दीं। साथ ही कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम के अहम प्रावधानों पर भी चर्चा की। इस मौके पर सिविल जज नेहा कय्यूम, लीगल एंड डिफेंस काउंसलिंग कमल प्रसाद बमराडा, विनोद कुमार और अधिवक्ता कुसुम नेगी आदि शामिल रहे।
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न्यायायल परिसर में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अकरम अली ने विधिक शिविरों की स्थापना व उनके उद्देश्यों पर विस्तार से रोशनी डाली। उन्होंने सिविल अपील संख्या 9322/2022, मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के बारे में बताया। नालसा (गरीबी उन्मूलन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विधिक सेवाएं) और नालसा (नशीली दवाओं के दुरुपयोग से पीड़ितों के लिए कानूनी सेवाएं एवं नशीली दवाओं के खतरे के उन्मूलन) योजना भी की विस्तृत जानकारियां दीं। साथ ही कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम के अहम प्रावधानों पर भी चर्चा की। इस मौके पर सिविल जज नेहा कय्यूम, लीगल एंड डिफेंस काउंसलिंग कमल प्रसाद बमराडा, विनोद कुमार और अधिवक्ता कुसुम नेगी आदि शामिल रहे।
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