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बरसोली गांव में धूमधाम से मनाया पर्व
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विकासखंड कीर्तिनगर के बरसोला गांव में पारंपरिक व्रततोड़ पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर ग्रामीणों ने शारदा देवी व भैरवनाथ की पूजा-अर्चना कर गांव व क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
हिंसरियाखाल क्षेत्र के बरसोली गांव में पहले से ही लोग इगास के अगले दिन द्वादशी तिथि पर व्रततोड़ पर्व बनाते हैं। मान्यता है कि जो भी इस आयोजन में श्रद्धापूर्वक प्रतिभाग करता है उसके कष्टों का हरण हो जाता है। ग्रामीण रेवाधर उनियाल, मेधनीधर उनियाल व कुशलानंद बडोनी ने बताया कि इगास के दूसरे दिन द्वादशी तिथि पर सबसे पहले जंगल में निर्धारित स्थान से बबला घास लाई जाती है, जिससे करीब 50 मीटर से अधिक लंबा रस्सा बनाया जाता है। रस्से को प्राकृतिक जलस्रोत (नौऊ) से नहलाया जाता है। उसके बाद रस्से के करीब 10 मीटर हिस्से को मां शारदा के मंदिर में लपेटा जाता है। मंदिर में हवन यज्ञ कर रोट-प्रसाद का भोग लगाने के बाद शेष रस्से को गांव के चारों ओर घुमाकर रस्साकशी खेला जाता है। बाद में रस्से के टुकड़ों को प्रसाद के रूप में लोगों को वितरित किया जाता है। इस मौके पर प्रधान राजेश्वरी देवी, पंकज उनियाल, माधवानंद उनियाल, प्रवीण, नत्थी राम उनियाल, द्वारिका प्रसाद पांडेय, हृदयराम डोभाल, दिगंबर उनियाल, सुभाष बडोनी, आदर्श, ऋतिक, सुंदरी देवी, कविता, बबीता, नंदा, संपत्ति देवी आदि मौजूद थे।
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हिंसरियाखाल क्षेत्र के बरसोली गांव में पहले से ही लोग इगास के अगले दिन द्वादशी तिथि पर व्रततोड़ पर्व बनाते हैं। मान्यता है कि जो भी इस आयोजन में श्रद्धापूर्वक प्रतिभाग करता है उसके कष्टों का हरण हो जाता है। ग्रामीण रेवाधर उनियाल, मेधनीधर उनियाल व कुशलानंद बडोनी ने बताया कि इगास के दूसरे दिन द्वादशी तिथि पर सबसे पहले जंगल में निर्धारित स्थान से बबला घास लाई जाती है, जिससे करीब 50 मीटर से अधिक लंबा रस्सा बनाया जाता है। रस्से को प्राकृतिक जलस्रोत (नौऊ) से नहलाया जाता है। उसके बाद रस्से के करीब 10 मीटर हिस्से को मां शारदा के मंदिर में लपेटा जाता है। मंदिर में हवन यज्ञ कर रोट-प्रसाद का भोग लगाने के बाद शेष रस्से को गांव के चारों ओर घुमाकर रस्साकशी खेला जाता है। बाद में रस्से के टुकड़ों को प्रसाद के रूप में लोगों को वितरित किया जाता है। इस मौके पर प्रधान राजेश्वरी देवी, पंकज उनियाल, माधवानंद उनियाल, प्रवीण, नत्थी राम उनियाल, द्वारिका प्रसाद पांडेय, हृदयराम डोभाल, दिगंबर उनियाल, सुभाष बडोनी, आदर्श, ऋतिक, सुंदरी देवी, कविता, बबीता, नंदा, संपत्ति देवी आदि मौजूद थे।
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