{"_id":"6679764ae01748cabb0ade94","slug":"district-judge-canceled-tenants-eviction-order-pauri-news-c-51-1-sdrn1019-104826-2024-06-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pauri News: किरायेदार की बेदखली का आदेश जिला जज ने किया निरस्त, दुकान खाली करने का बना रहे थे दबाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pauri News: किरायेदार की बेदखली का आदेश जिला जज ने किया निरस्त, दुकान खाली करने का बना रहे थे दबाव
Thu, 27 Jun 2024 02:07 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Thu, 27 Jun 2024 02:07 PM IST
सार
दुकान खाली नहीं करने पर त्रिलोक सहित चारों भाइयों ने सिविल जज जूनियर डिवीजन श्रीनगर की अदालत में वाद दाखिल किया था। श्रीनगर की अदालत ने 31 अगस्त 2019 को किरायेदार की बेदखली का आदेश जारी किया था।
विज्ञापन
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पौड़ी सिविल जज जूनियर डिवीजन श्रीनगर की अदालत की ओर से दिए गए किरायेदार के बेदखली के आदेश को जिला जज पौड़ी की अदालत ने निरस्त कर दिया है। श्रीनगर के काला रोड स्थित ग्राम कोठड़ निवासी गोविंद सिंह धनाई का एक भवन था। उन्होंने भवन में बनी एक दुकान को वर्ष 1964 में किराये पर गोविंद स्वरूप भटनागर को दी थी।
विज्ञापन
गोविंद स्वरूप की मौत के बाद वर्ष 2017 में उनकी पत्नी प्रेमा भटनागर का भी निधन हो गया। इसके बाद बेटा अश्वनी भटनागर दुकान चलाता रहा। कुछ समय बाद गोविंद सिंह धनाई के बेटे त्रिलोक सिंह सहित चार भाईयों ने चार माह तक किराया नहीं दिए जाने व परिवार की आवश्यकता के कारण दुकान खाली करने की अपील की।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें...Uttarakhand By-Election: उपचुनाव के लिए कांग्रेस प्रभारी शैलजा के पास वक्त नहीं, वर्चुअल बन रही चुनावी रणनीति
विज्ञापन
दुकान खाली नहीं करने पर त्रिलोक सहित चारों भाइयों ने सिविल जज जूनियर डिवीजन श्रीनगर की अदालत में वाद दाखिल किया था। श्रीनगर की अदालत ने 31 अगस्त 2019 को किरायेदार की बेदखली का आदेश जारी किया था। इसके बाद अश्वनी ने जिला जज पौड़ी की अदालत में चुनौती दी थी। जिला जज अजय चौधरी की अदालत ने सिविल जज जूनियर डिवीजन श्रीनगर की अदालत के किरायेदार की बेदखली के फैसले को निरस्त कर दिया।