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Pauri News: 10 वर्षों से पॉलिटेक्निक जोगनीसैण का निर्माण अधर में

Fri, 06 Jun 2025 11:50 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 06 Jun 2025 11:50 PM IST
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Construction of Polytechnic Jognisain is pending since 10 years
श्रीनगर। राजकीय पॉलिटेक्निक जोगनीसैंण की स्वीकृति के 10 साल बाद भी पॉलिटेक्निक का निर्माण अधर में लटके होने से स्थानीय लोगों एवं पॉलिटेक्निक के लिए जमीन दान देने वाले भूमिधरों में गहरी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि प्राविधिक शिक्षा निदेशालय एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से इस मामले में बरती जा रही हीलाहवाली से यह कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
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राजकीय पॉलिटेक्निक जोगनीसैंण की स्थापना शासनादेश प्रशिक्षण एवं तकनीकी शिक्षा अनुभाग देहरादून की ओर से 20 जनवरी 2014 को जारी किया गया था। नाबार्ड योजना से आच्छादित इस पॉलिटेक्निक के भवन के निर्माण के लिए 588.32 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था। जिसके सापेक्ष कुल 488.21 लाख रुपये की धनराशि कार्यदायी संस्था (उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड) को अवमुक्त की गई थी। इस बजट से केवल दो टैरेस, आरसीसी वॉल एवं पहुंच मार्ग तैयार कर कार्यदायी संस्था ने निर्माण कार्य अधर में छोड़ दिया।
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सचिव तकनीकी शिक्षा को भेजा पत्र

मामले में प्राविधिक शिक्षा निदेशक देशराज की ओर से सचिव तकनीकी शिक्षा उत्तराखंड शासन को भी पत्र भेजा गया है। जिसमें उन्होंने कार्यदायी संस्था की ओर से कार्यों को पूर्ण नहीं किए जाने की बात को उजागर किया है। साथ ही विभिन्न स्तरों से उठ रही मांग को देखते हुए पॉलिटेक्निक भवन का निर्माण कार्य तथा इसका संचालन कराने के संबंध में निर्णय लेने का अनुरोध भी किया है।
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भवन का निर्माण न होना दुर्भाग्यपूर्ण

निवर्तमान प्रधान न्यूली संजय देव डंगवाल का कहना है कि 10 सालों से पॉलिटेक्निक भवन निर्माण न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। कहा, पूर्व में निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान न रखे जाने से करोड़ों के बजट की बर्बादी हुई है। स्थानीय निवासी मुकेश चंद्र लखेड़ा का कहना है कि पांच बार सीएम हेल्प लाइन में शिकायत दर्ज की गई, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। भवन निर्माण न होने व पॉलिटेक्निक का संचालन न होने से स्थानीय लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। जिससे जमीन दान देने वाल भूमिधर ज्यादा आहत हैं।
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