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Pauri News: बिन बारिश व बर्फबारी के पौड़ी में ठंड ने तोड़ा दो सालों का रिकॉर्ड

Thu, 26 Dec 2024 03:09 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 26 Dec 2024 03:09 AM IST
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Cold in Pauri breaks record of two years without rain and snowfall
पौड़ी। इस साल जिले में नवंबर व दिसंबर माह में न तो बारिश हुई और न ही बर्फबारी, बावजूद इसके इस साल ठंड व शीतलहर ने बीते दो सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। विशेषज्ञों की मानें तो इस साल दिसंबर में अभी तक का औसत न्यूनतम तापमान 6.85 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि 2023 में जिले का न्यूनतम औसत तापमान 6 डिग्री रहा। विशेषज्ञों ने तापमान में और गिरावट की संभावना जताई है।
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एनएचबी गढ़वाल केंद्रीय विवि श्रीनगर स्थित हिमालयी वातावरणीय एवं अंतरिक्ष भौतिकी शोध प्रयोगशाला के मुख्य अन्वेषक व विशेषज्ञ डॉ. आलोक सागर गौतम के मुताबिक जिले में इस वर्ष दिसंबर तीसरे सप्ताह तक न्यूनतम औसत तापमान 6.85 व अधिकतम 17.48 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बताया कि बीते साल 2023 में 12 दिसंबर को सबसे ठंडा दिन रहा। इस दिन न्यूनतम तापमान 6 व अधिकतम 15.99 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि इस साल अभी तक का सबसे ठंड दिन 9 दिसंबर रहा। जो कि 3.48 न्यूनतम व 7.47 अधिकतम दर्ज किया गया।
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बताया कि बारिश व बर्फबारी के बाद जिले के तापमान में और अधिक गिरावट होना तय है। जिला आपदा प्रबंधन केंद्र के मुताबिक बीते साल दिसंबर में कुल 19 मिमी बारिश दर्ज की गई। जिसमें सर्वाधिक 8 मिमी श्रीनगर, पौड़ी में 6, सतपुली व चाकीसैंण में 2-2 जबकि चौबट्टाखाल में एक मिमी बारिश दर्ज की गई। आपदा केंद्र की मानें तो इस नवंबर व दिसंबर माह में बारिश नहीं हुई। वहीं पौड़ी में सोमवार को हुई बूंदाबांदी के बाद बुधवार को भी ठिठुरन रही। बुधवार को पौड़ी में आंशिक रूप से बादल छाए रहे। ठंड के चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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बारिश नहीं हुई तो होगी दिक्कत

जिले में इस साल नवंबर व दिसंबर माह में बारिश नहीं होने से फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. विकेश कुमार यादव ने बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश नहीं होने से गेहूं, सरसों, लाई, तोरिया व जौ आदि फसलों को प्रत्यक्ष रूप से नुकसान होगा। पर्वतीय क्षेत्रों में इन फसलों की बुआई के लिए अनुकूल समय नंबर माह के प्रथम सप्ताह था। लेकिन बारिश नहीं होने से फसलों की बुआई में विलंब हो गया है। बारिश नहीं हुई तो असंचित क्षेत्रों में फसलों के चौपट होने का खतरा है।




जिले में छह रैन बसेरों में आश्रय ले रहे 28 लोग



जिला आपदा प्रबंधन केंद्र के मुताबिक ठंड से बचने के लिए जिले में छह रैन बसेरों को अपडेट किया गया है। इन रैन बसेरों में फिलहाल 28 ने आश्रय लिया है। जबकि प्रशासन की ओर से जनपद के 47 विभिन्न स्थानों पर अलाव जलाए जा रहे हैं। लोगों को ठंड से बचाने के लिए प्रशासन ने अभी तक करीब 555 कंबल वितरित किए हैं।

बीते दो सालों में कितना रहा जिले का औसत तापमान

वर्ष माह न्यूनतम (डि.से.) अधिकतम (डि.से.)


2024 नवंबर 10. 56 20.13

दिसंबर 6.85 17.48



2023 नवंबर 11.69 21.21

दिसंबर 8.10 18.53



2022 नवंबर 11.01 19.73

दिसंबर 9.07 19.13



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