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आवारा कुत्तों नेे 24 लोगों को काटा

Sun, 26 Oct 2014 05:32 AM IST
Pauri
Pauri Updated Sun, 26 Oct 2014 05:32 AM IST
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कोटद्वार। शहर से लेकर गांव तक आवारा कुत्तों का आतंक बना हुआ। शनिवार को आवारा कुत्तों ने शहर और ग्रामीण क्षेत्र में 24 लोगों को काटकर घायल कर दिया। कुत्ते के काटने से घायल लोगों ने अस्पताल पहुंचकर अपना उपचार करवाया। डाक्टरों की मानें तो दिवाली पर पटाखों के शोर से ज्यादातर आवारा कुत्ते बौखलाए हैं।
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पिछले दो दिन के भीतर कोटद्वार शहर के गाड़ीघाट से लेकर आसपास के गांवाें में एकाएक कुत्ते के काटने के मामले बढ़ गए हैं। कुत्तों के काटने से घायल हुए लोगाें का कहना है कि दिवाली के दिन शोर से कुत्ते आसपास की झाड़ियों में छिप गए थे, एक दिन बाद आबादी में पहुंचते ही वे आक्रामक हो उठे। जो भी सामने आया, उसे काट दिया। शनिवार को राजकीय संयुक्त अस्पताल इमरजेंसी में कुत्तों के काटने से घायल होने वालों में अर्जुन रावत (09) निवासी गाड़ीघाट, ललित नेगी (32) निवासी पौखाल, महिमा (15) निवासी जौनपुर, आंचल (21) निवासी लकड़ीपड़ाव कोटद्वार, सुभाष (08) निवासी पदमपुर, खड़क सिंह (60) निवासी मानपुर, अर्चना खंतवाल (37) निवासी शिवपुर, दरवान सिंह निवासी लालपुर, आयुष निवासी गाड़ीघाट, शिवम नेगी (14) निवासी काशीरामपुर, अंकित निवासी सिमलचौड़, खूबचंद्र (65) निवासी गाड़ीघाट, प्रकाश (35) निवासी गाड़ीघाट, अंकिता (18) निवासी दुगड्डा, नितिन (13) निवासी लालपानी आदि शामिल हैं।
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जन अधिकार मंच के अध्यक्ष आशाराम ने नगर पालिका ईओ को भी पत्र लिखकर आवारा कुत्तों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की। पत्र में उन्होंन कहा है कि जौनपुर से लेकर गाड़ीघाट तक आवारा कुत्तों ने कई लोगों को काटा। सरकारी अस्पताल की इमरजेंसी में तैनात फार्मासिस्ट डीएस नेगी ने बताया कि शनिवार को पूरे दिन कुत्तों के काटने के दो दर्जन से अधिक मामले आए। ओपीडी बंद होने के बाद इमरजेंसी में शाम पांच बजे तक 24 मामले आ चुके थे। इतने मामले तो पूरे महीने में भी नहीं आते।
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-एक दिन में कुत्ते के इतने मामले आने से स्पष्ट है कि कुत्ते दिवाली के पटाखों के शोर के कारण दहशत में आ गए। जिससे वे आक्रामक होकर लोगों को काट रहे हैं। पटाखों की तेज ध्वनि का जानवरों पर भी प्रभाव पड़ता है।

-डा. अरूण कुमार पांडे, वरिष्ठ सर्जन राजकीय संयुक्त अस्पताल कोटद्वार।
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कुत्ते के काटने पर क्या बरते सावधानी
- सीएमएस डा. आईएस सामंत का कहना है कि सबसे पहले तो यह देख ले कि कुत्ता पालतू हैं या आवारा। पालतू कुत्तों पर लोग पहले ही इंजेक्शन लगा लेते हैं, जिनसे रैबिज और अन्य बीमारी का खतरा कम रहता है। लेकिन आवारा कुत्ते पागल भी हो सकते है, वह एक से अधिक लोगों को भी काट सकते हैं। जिसके कारण कुत्ते के काटा व्यक्ति को खतरा हो सकता है। कुत्ते के काटने पर काटे हुए स्थान को अधिक न छुए, घाव को डीटाल से साफ कर निकटवर्ती अस्पताल में इंजेक्शन लगा कर चिकित्सकों से सलाह लें। कुत्ते के काटने पर तीन इंजेक्शन प्रत्येक सप्ताह में लगाए जाते हैं।
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