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झंडीचौड़ में हाथी ने रौंदी कई बीघा धान की फसल

Thu, 23 Oct 2014 05:32 AM IST
Pauri
Pauri Updated Thu, 23 Oct 2014 05:32 AM IST
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किशनपुर। भाबर क्षेत्र के झंडीचौड़ पश्चिमी में पिछले एक सप्ताह से हाथी लगातार खेतों में घुसकर फसल चट कर रहे हैं। शाम ढलते ही हाथी घर के नजदीक छह किसानों के खेतों में घुसकर लगातार उनकी फसल चट कर रहे हैं। यही नहीं हाथी अब ग्रामीणों के आंगन में भी टहल रहा है। इस वजह से लोगों में भय व्याप्त है। उन्होंने वन विभाग से सुरक्षा दिलाने की गुहार लगाई है।
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मंगलवार को झंडीचौड़ पश्चिमी में एक बार फिर देर रात हाथी कमलेश सिंह के खेतों में आ धमका ख्ेात में फसल को रौंदने के बाद वह राजेंद्र भारद्वाज के आंगन में पहुंच गया। हाथी के चलने की आहट सुनकर राजेंद्र की नींद खुली। एक बड़े हाथी को देखकर उसके होश उड़ गए। कुछ देर तक हाथी राजेंद्र के आंगन में टहलने के बाद श्यामा देवी के खेतों को रौंदता हुआ कविता देवी के खेतों में पहुंच गया। वहां से राम सिंह और दयाल सिंह के खेतो में भी फसल रौंदने के बाद वह जंगल को लौट गया।
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सुबह झंडीचौड़ पश्चिमी की उपप्रधान कविता देवी ने वनकर्मियों को सूचना दी। वन कर्मियों ने नुकसान का जायजा लिया। ग्रामीण आनंद घिल्डियाल, उमेश रावत, भाष्कर नेगी आदि ने बताया कि आजकल क्षेत्र में रामलीला का मंचन किया जा रहा है देर रात तक ग्रामीणों का आवागमन होता रहता है ऐसे में हाथियों के गांव में लगातार आने से ग्रामीणों के जान माल के नुकसान की संभावना बनी रहती है। उन्होंने वन विभाग से रात्रि में गश्त करने की मांग की है।
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कोटद्वार रेंज अधिकारी एसपी कंडवाल ने झंडीचौड़ पश्चिमी में हाथी द्वारा फसल रौंदने की पुष्टि की। कहा कि हाथी को खदेड़ने के लिए गश्त बढ़ाई गई है। उन्होनें लोगों से मुआवजे के लिए समय पर अर्जी देने की अपील की है।
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