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एनटीटी में फर्जीवाड़ा मामला और गहराया
Pauri
Updated Sat, 18 Oct 2014 05:33 AM IST
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कोटद्वार। एनटीटी कोर्स कराने के नाम पर हुए फर्जीवाड़े को लेकर आए दिन नए-नए मामले सामने आ रहे हैं। अब इस कोर्स को लेकर जारी किए गए प्रमाणपत्रों पर ही प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं। दो अलग-अलग वर्षों में जारी किए गए प्रमाणपत्र पूरी तरह से अलग हैं। इसकी शिकायत एसडीएम से भी की गई।
कोटद्वार में इन दिनों नर्सरी टीचर ट्रेनिंग कोर्स कराने के नाम पर ठगी को लेकर चल रहा विवाद हर दिन तूल पकड़ता जा रहा है। शुक्रवार को इस संबंध में जन अधिकार संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक में संस्थान को संचालित कर रही अर्चना की ओर से समिति के सचिव पंकज बवाडी के खिलाफ पुलिस में दी गई शिकायत की निंदा की। कहा कि यह पूरा षड्यंत्र मामले को भटकाने के लिए किया जा रहा है। बैठक केे बाद सभी लोग एसडीएम से मिलने गए। उन्होंने एसडीएम के सामने पूरा मामला रखते हुए कहा कि वर्ष 2007-08 और वर्ष 2012-13 में जारी किए गए प्रमाणपत्रों में काफी अंतर है। संस्थान का लोगो तक बदल गया। अभिलाषा वर्मा, श्वेता अग्रवाल ने कहा कि संस्था के हेडआफिस कानपुर से तीन लाइनों में लिखकर बयान जारी किया गया है। पूरे साक्ष्यों के साथ प्रमाण दिया जाना चाहिए। उसके बावजूद भी यदि 2012-13 का कोर्स वैद्य है तो भी वर्ष 2013-14 में छात्राओं के साथ फर्जीवाड़ा किया गया है। साथ ही उन्होंने एसडीएम के सामने थाने में की गई शिकायत का मामला भी उठाया। कहा कि कोर्स संचालित करने वाली शिक्षिका अर्चना की ओर से पंकज बवाड़ी के नाम कोतवाली में तहरीर देकर वसूली करने और जान से मारने की धमकी देने का झूठा आरोप लगाया गया है। एसडीएम ने भी सभी को मामले में उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया। इस मौके पर गोविंद डंडरियाल, महिला समाख्या की प्रीति थपलियाल, जिला पंचायत सदस्य भरत नेगी, पंकज बवाडी, एकता केंद्र की बड़थ्वाल, प्रदीप अग्रवाल, प्रभावित छात्राओं में श्वेता अग्रवाल, अभिलाषा अग्रवाल, प्रियंका, संगीता, ज्योति आदि मौजूद थे।
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कोटद्वार में इन दिनों नर्सरी टीचर ट्रेनिंग कोर्स कराने के नाम पर ठगी को लेकर चल रहा विवाद हर दिन तूल पकड़ता जा रहा है। शुक्रवार को इस संबंध में जन अधिकार संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक में संस्थान को संचालित कर रही अर्चना की ओर से समिति के सचिव पंकज बवाडी के खिलाफ पुलिस में दी गई शिकायत की निंदा की। कहा कि यह पूरा षड्यंत्र मामले को भटकाने के लिए किया जा रहा है। बैठक केे बाद सभी लोग एसडीएम से मिलने गए। उन्होंने एसडीएम के सामने पूरा मामला रखते हुए कहा कि वर्ष 2007-08 और वर्ष 2012-13 में जारी किए गए प्रमाणपत्रों में काफी अंतर है। संस्थान का लोगो तक बदल गया। अभिलाषा वर्मा, श्वेता अग्रवाल ने कहा कि संस्था के हेडआफिस कानपुर से तीन लाइनों में लिखकर बयान जारी किया गया है। पूरे साक्ष्यों के साथ प्रमाण दिया जाना चाहिए। उसके बावजूद भी यदि 2012-13 का कोर्स वैद्य है तो भी वर्ष 2013-14 में छात्राओं के साथ फर्जीवाड़ा किया गया है। साथ ही उन्होंने एसडीएम के सामने थाने में की गई शिकायत का मामला भी उठाया। कहा कि कोर्स संचालित करने वाली शिक्षिका अर्चना की ओर से पंकज बवाड़ी के नाम कोतवाली में तहरीर देकर वसूली करने और जान से मारने की धमकी देने का झूठा आरोप लगाया गया है। एसडीएम ने भी सभी को मामले में उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया। इस मौके पर गोविंद डंडरियाल, महिला समाख्या की प्रीति थपलियाल, जिला पंचायत सदस्य भरत नेगी, पंकज बवाडी, एकता केंद्र की बड़थ्वाल, प्रदीप अग्रवाल, प्रभावित छात्राओं में श्वेता अग्रवाल, अभिलाषा अग्रवाल, प्रियंका, संगीता, ज्योति आदि मौजूद थे।
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