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कंडी रोड को विधानसभा घेरेंगे ग्रामीण
Pauri
Updated Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
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कोटद्वार। कंडी मार्ग के अहम भाग लालढांग-चिल्लरखाल के निर्माण के लिए ग्रामीणों ने पांच दिसंबर को विधानसभा घेरने का निर्णय लिया है। इससे पहले, तीन दिसंबर को ग्रामीण पदयात्रा शुरू करेंगे। यह पदयात्रा पांच दिसंबर को दून पहुंचेगी। इसी दिन विधानसभा को घेरा जाएगा।
शुक्रवार को पूर्व विधायक शैलेंद्र सिंह रावत ने प्रेस वार्ता में कहा कि कोटद्वार की जनता के साथ धोखा किया जा रहा है। इसके चलते ही क्षेत्र की कई निर्माणाधीन योजनाओं का काम आगे नहीं बढ़ने दिया जा रहा है। कंडी मार्ग को गढ़वाल की जीवन रेखा बताते हुए उन्होंने कहा कि इस मार्ग की स्वीकृति 2008 में मिल चुकी थी। इसके बाद इसके डामरीकरण के लिए आवाज उठाई गई। इस क्रम में जनवरी 2011 में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक बैठक की गई थी, जिसमें मार्ग पर पूर्व में हुए डामरीकरण की जांच के लिए एक कमेटी गठित की गई थी। इस मार्ग में पूर्व में डामरीकरण की बात की पुष्टि की थी, लेकिन वर्तमान सरकार इस काम को आगे नहीं बढ़ने दे रही है। इस वजह से डामरीकरण का काम नहीं हो पा रहा है। रावत ने कहा कि कांग्रेस सरकार का विकास कार्यों से कोेेेई वास्ता नहीं है, लेकिन अब क्षेत्र की जनता अपने हक के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हो गई है। इसके चलते ही तीन दिसंबर से क्षेत्र की जनता कंडी मार्ग के निर्माण को लेकर देहरादून तक पद यात्रा करेगी। पद यात्रा तीन चरणों में आगे बढ़ेगी। पहले चरण में कुमाऊं मंडल के लोगों को इस आंदोलन से जोड़ा जाएगा। इसके बाद पांच दिसंबर को पद यात्रा देहरादून पहुंचेगी जहां विधानसभा का घिराव किया जाएगा। इससे पहले कंडी मार्ग बनाओ उत्तराखंड बचाओ संघर्ष समिति के लोगों ने कंडी मार्ग निर्माण को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। इस दौरान समिति के अध्यक्ष शशिधर भट़्ट, विनोद कुकरेती, राकेश गर्ग, अजय पंत, जीत सिंह पटवाल और चंद्र प्रकाश नैथानी सहित कई लोग मौजूद रहे।
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शुक्रवार को पूर्व विधायक शैलेंद्र सिंह रावत ने प्रेस वार्ता में कहा कि कोटद्वार की जनता के साथ धोखा किया जा रहा है। इसके चलते ही क्षेत्र की कई निर्माणाधीन योजनाओं का काम आगे नहीं बढ़ने दिया जा रहा है। कंडी मार्ग को गढ़वाल की जीवन रेखा बताते हुए उन्होंने कहा कि इस मार्ग की स्वीकृति 2008 में मिल चुकी थी। इसके बाद इसके डामरीकरण के लिए आवाज उठाई गई। इस क्रम में जनवरी 2011 में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक बैठक की गई थी, जिसमें मार्ग पर पूर्व में हुए डामरीकरण की जांच के लिए एक कमेटी गठित की गई थी। इस मार्ग में पूर्व में डामरीकरण की बात की पुष्टि की थी, लेकिन वर्तमान सरकार इस काम को आगे नहीं बढ़ने दे रही है। इस वजह से डामरीकरण का काम नहीं हो पा रहा है। रावत ने कहा कि कांग्रेस सरकार का विकास कार्यों से कोेेेई वास्ता नहीं है, लेकिन अब क्षेत्र की जनता अपने हक के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हो गई है। इसके चलते ही तीन दिसंबर से क्षेत्र की जनता कंडी मार्ग के निर्माण को लेकर देहरादून तक पद यात्रा करेगी। पद यात्रा तीन चरणों में आगे बढ़ेगी। पहले चरण में कुमाऊं मंडल के लोगों को इस आंदोलन से जोड़ा जाएगा। इसके बाद पांच दिसंबर को पद यात्रा देहरादून पहुंचेगी जहां विधानसभा का घिराव किया जाएगा। इससे पहले कंडी मार्ग बनाओ उत्तराखंड बचाओ संघर्ष समिति के लोगों ने कंडी मार्ग निर्माण को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। इस दौरान समिति के अध्यक्ष शशिधर भट़्ट, विनोद कुकरेती, राकेश गर्ग, अजय पंत, जीत सिंह पटवाल और चंद्र प्रकाश नैथानी सहित कई लोग मौजूद रहे।
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