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छात्रों का गुस्सा उबाल पर, रैली, प्रदर्शन
Pauri
Updated Thu, 27 Sep 2012 12:00 PM IST
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कोटद्वार। सीवी रमन इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट में उठा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। छात्रों ने तीसरे दिन भी शहर में रैली निकाली और तहसील में प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों ने इंस्टीट्यूट प्रशासन को तो निशाने पर लिया ही, पुलिस को भी लपेट लिया। छात्रों ने पुलिस पर धमकाने और गिरफ्तारी की धमकी देने का आरोप लगाया है। दूसरी तरफ, तीन दिन से इंस्टीट्यूट पर ताले लगे हुए हैं। जांच जब तक चलेगी, तब तक इंस्टीट्यूट बंद रहेगा।
सीवी रमन इंस्टीट्यूट में पढ़ने वाले 340 छात्र खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। अपने साथ घोखाधड़ी की जानकारी होने के बाद से छात्र गुस्से में हैं। शहर में रैली निकालने के बाद छात्रों ने तहसील में प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों को महाविद्यालय छात्र संघ, एआईएसएफ और जन अधिकार संघर्ष समिति का समर्थन मिला है। इस दौरान छात्रों ने कहा कि उनके साथ घोखा किया गया है। छात्रों ने आरोप लगाते हुए कहा है कि पुलिस इस आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है। छात्रों का कहना है कि जिस तरह से उनके ऊपर दबाव बनाया जा रहा है, उससे साफ है कि प्रशासन भी इस मामले में कार्रवाई नहीं करना चाहता। उन्होंने कहा कि एसडीएस ने 24 सितंबर को इंस्टीट्यूट भवन को कब्जे में लेने की बात कही थी। उसके बाद भी भवन पर लगे ताले को खोलने के प्रयास किए गए। यही काम पुलिस ने मंगलवार को घटना के दूसरे दिन किया। पुलिस ने मौके पर पंहुच कर छात्रों को भवन को सीज करने की बात कही, लेकिन इसे अभी तक सीज नहीं किया गया। घोखाधड़ी के शिकार हुए छात्रों की जल्द ही तहसील परिसर में क्रमिक अनशन शुरू करने की तैयारी है।
पुलिस ने ना नुकुर के बाद ली तहरीर
कोटद्वार। पुलिस ने सीवी रमन इंस्टीट्यूट के खिलाफ छात्रों की तहरीर काफी ना नुकुर के बाद स्वीकार कर ली। छात्रों की ओर से दी गई तहरीर में कहा गया है कि मंगलवार देर रात इंस्टीट्यूट के प्रबंधक के लोगों और दो पुलिसकर्मियों ने उन्हें धमकाया। प्रभारी थाना निरीक्षक तहरीर लेने से पहले इनकार करते रहे, मगर हंगामा हुआ, तो तहरीर ले ली। कालेज में पढ़ने वाले प्रत्येक छात्र ने अलग-अलग तहरीर दी है। इस दौरान सीमा पाल नाम की एक छात्रा पुलिस के सामने ही बिलख पड़ी। छात्रा का कहना था कि पुलिस इंस्टीट्यूट प्रबंधक की बात पर तो विश्वास कर रही है, लेकिन 340 छात्रों की बात उन्हें झूठ लग रही है। तहरीर में कहा गया है कि उन्हें दो पुलिस कर्मियों ने हिस्ट्रीशीटर बनाकर जेल में डालने की धमकी दी है।
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ज्यादातर छात्र हैं यूपी और बिहार के
-यहां पढ़ रहे ज्यादातर छात्र उत्तर प्रदेश और बिहार के रहने वाले हैं। इनमें से कई छात्र गरीब घरों के भी हैं, जो किसी तरह कर्ज लेकर यहां पढ़ने आए थे। यहां पढ़ने वालों में औरैया, हजारी बाग और मधुबनी, गाजीपुर, आजमगढ़ और गोंडा सहित कई जनपदों के छात्र शामिल है। इसके अलावा उत्तराखंड के अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के छात्र भी यहां पढ़ रहे थे।
-सीवी रमन इंस्टीट्यूट के चीफ एक्जीक्यूटिव अनिल परिहार का कहना है कि संस्थान में हुए बवाल के बाद उन्होंने पुलिस की ओर से मांगे गए सभी कागजात जांच अधिकारी को दे दिए हैं। जांच होने के बाद स्थिति स्वत: स्पष्ट हो जाएगी। उनका संस्थान कहीं से भी फर्जी नहीं है। अगर ऐसा होता तो वे यहां से चले गए होते। जांच होने तक इंस्टीट्यूट बंद ही रहेगा।
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सीवी रमन इंस्टीट्यूट में पढ़ने वाले 340 छात्र खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। अपने साथ घोखाधड़ी की जानकारी होने के बाद से छात्र गुस्से में हैं। शहर में रैली निकालने के बाद छात्रों ने तहसील में प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों को महाविद्यालय छात्र संघ, एआईएसएफ और जन अधिकार संघर्ष समिति का समर्थन मिला है। इस दौरान छात्रों ने कहा कि उनके साथ घोखा किया गया है। छात्रों ने आरोप लगाते हुए कहा है कि पुलिस इस आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रही है। छात्रों का कहना है कि जिस तरह से उनके ऊपर दबाव बनाया जा रहा है, उससे साफ है कि प्रशासन भी इस मामले में कार्रवाई नहीं करना चाहता। उन्होंने कहा कि एसडीएस ने 24 सितंबर को इंस्टीट्यूट भवन को कब्जे में लेने की बात कही थी। उसके बाद भी भवन पर लगे ताले को खोलने के प्रयास किए गए। यही काम पुलिस ने मंगलवार को घटना के दूसरे दिन किया। पुलिस ने मौके पर पंहुच कर छात्रों को भवन को सीज करने की बात कही, लेकिन इसे अभी तक सीज नहीं किया गया। घोखाधड़ी के शिकार हुए छात्रों की जल्द ही तहसील परिसर में क्रमिक अनशन शुरू करने की तैयारी है।
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पुलिस ने ना नुकुर के बाद ली तहरीर
कोटद्वार। पुलिस ने सीवी रमन इंस्टीट्यूट के खिलाफ छात्रों की तहरीर काफी ना नुकुर के बाद स्वीकार कर ली। छात्रों की ओर से दी गई तहरीर में कहा गया है कि मंगलवार देर रात इंस्टीट्यूट के प्रबंधक के लोगों और दो पुलिसकर्मियों ने उन्हें धमकाया। प्रभारी थाना निरीक्षक तहरीर लेने से पहले इनकार करते रहे, मगर हंगामा हुआ, तो तहरीर ले ली। कालेज में पढ़ने वाले प्रत्येक छात्र ने अलग-अलग तहरीर दी है। इस दौरान सीमा पाल नाम की एक छात्रा पुलिस के सामने ही बिलख पड़ी। छात्रा का कहना था कि पुलिस इंस्टीट्यूट प्रबंधक की बात पर तो विश्वास कर रही है, लेकिन 340 छात्रों की बात उन्हें झूठ लग रही है। तहरीर में कहा गया है कि उन्हें दो पुलिस कर्मियों ने हिस्ट्रीशीटर बनाकर जेल में डालने की धमकी दी है।
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ज्यादातर छात्र हैं यूपी और बिहार के
-यहां पढ़ रहे ज्यादातर छात्र उत्तर प्रदेश और बिहार के रहने वाले हैं। इनमें से कई छात्र गरीब घरों के भी हैं, जो किसी तरह कर्ज लेकर यहां पढ़ने आए थे। यहां पढ़ने वालों में औरैया, हजारी बाग और मधुबनी, गाजीपुर, आजमगढ़ और गोंडा सहित कई जनपदों के छात्र शामिल है। इसके अलावा उत्तराखंड के अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के छात्र भी यहां पढ़ रहे थे।
-सीवी रमन इंस्टीट्यूट के चीफ एक्जीक्यूटिव अनिल परिहार का कहना है कि संस्थान में हुए बवाल के बाद उन्होंने पुलिस की ओर से मांगे गए सभी कागजात जांच अधिकारी को दे दिए हैं। जांच होने के बाद स्थिति स्वत: स्पष्ट हो जाएगी। उनका संस्थान कहीं से भी फर्जी नहीं है। अगर ऐसा होता तो वे यहां से चले गए होते। जांच होने तक इंस्टीट्यूट बंद ही रहेगा।