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महिला पर सुअर ने किया हमला, व्यवस्था की खुली पोल
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पौड़ी। विकास खंड थलीसैंण के सुदूरवर्ती गांव जैंती खास में सुअर ने घास लेने गई महिला पर हमला कर दिया। सुअर के हमले में महिला का एक पैर बुरी तरह जख्मी हो गया। क्षेत्र में महिला को प्राथमिक चिकित्सा व एंबुलेंस सेवा तक नहीं मिली। इस पर परिजन व ग्रामीण चारपाई में रख कर घायल महिला को छह किमी पैदल अंधेरे में सड़क तक लाए। महिला का उपचार क्षेत्र से 180 किमी दूर काशीपुर के एक चिकित्सालय में चल रहा है।
गांव जैंती खास की गीता देवी (24) पत्नी सुरेंद्र सिंह घास लेने गई थी, जहां उस पर सुअर ने हमला कर दिया। खुद के बचाव के लिए महिला पास के एक पेड़ पर चढ़ी, लेकिन सुअर ने उसका एक पैर अपने जबड़ों में जकड़ लिया। साथ गई महिलाओं के शोर मचाने के बाद सुअर ने महिला का पैर छोड़ा, लेकिन तब तक पैर बुरी तरह जख्मी हो गया था। घायल गीता देवी को परिजन व ग्रामीण चारपाई से छह किमी उबड़-खाबड़ रास्ते से रामनगर राजमार्ग (थान) तक लेकर पहुंचे। इसके बाद भी उसको प्राथमिक उपचार के लिए 108 सेवा नहीं मिली। ग्रामीण निजी वाहन से गीता को काशीपुर स्थित चामुंडा चिकित्सालय ले गए, जहां उसका उपचार चल रहा है। डाक्टरों ने गीता देवी की स्थिति को खतरे से बाहर बताया है। जैंती खास के पूर्व प्रधान गोपाल सिंह जैंतवाल और वीर चंद्र सिंह गढ़वाली चौथान विकास समिति के सचिव भीम सिंह रावत ने बताया कि चौथान पट्टी की सरकार लगातार उपेक्षा कर रही है। यहां लोगों को प्राथमिक उपचार तक नहीं मिलता है। क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बूंगीधार है, लेकिन वहां डाक्टर नहीं रहते और दवाएं नहीं मिलतीं। एक फार्मेसिस्ट है। उसका कोई अता-पता नहीं रहता है। उन्होंने बताया कि सुअर के हमले में घायल महिला को प्राथमिक उपचार व एंबुलेंस सेवा तक नहीं मिली। वनक्षेत्राधिकारी थलीसैंण अनिल रावत ने बताया कि जैंती खास गांव में गीता देवी पत्नी सुरेंद्र सिंह को सुअर ने हमला कर घायल कर दिया है।
विभिन्न घटनाओं में इन घायलों को नहीं मिला उपचार
पौड़ी। चौथान पट्टी के रणियास गांव की गीता देवी पास के जंगल में चारापत्ती लेने गई थी, जहां वह पेड़ से गिर गई। गीता देवी का उपचार दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में चल रहा है। भरनौं गांव की सौड़ी देवी घास लेने गई थी, जहां वह पांव फिसलने से घायल हो गई थी। देवराड़ी गांव के केशर सिंह रावत चारापत्ती के लिए गए थे। पेड़ से गिरने के बाद नोएडा में उन्होंने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया है। इसी गांव के पूर्व सैनिक ध्यान सिंह रावत भी पेड़ से गिरकर घायल हो गए थे। उनका उपचार दीनदयाल चिकित्सालय दिल्ली में चल रहा है।
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गांव जैंती खास की गीता देवी (24) पत्नी सुरेंद्र सिंह घास लेने गई थी, जहां उस पर सुअर ने हमला कर दिया। खुद के बचाव के लिए महिला पास के एक पेड़ पर चढ़ी, लेकिन सुअर ने उसका एक पैर अपने जबड़ों में जकड़ लिया। साथ गई महिलाओं के शोर मचाने के बाद सुअर ने महिला का पैर छोड़ा, लेकिन तब तक पैर बुरी तरह जख्मी हो गया था। घायल गीता देवी को परिजन व ग्रामीण चारपाई से छह किमी उबड़-खाबड़ रास्ते से रामनगर राजमार्ग (थान) तक लेकर पहुंचे। इसके बाद भी उसको प्राथमिक उपचार के लिए 108 सेवा नहीं मिली। ग्रामीण निजी वाहन से गीता को काशीपुर स्थित चामुंडा चिकित्सालय ले गए, जहां उसका उपचार चल रहा है। डाक्टरों ने गीता देवी की स्थिति को खतरे से बाहर बताया है। जैंती खास के पूर्व प्रधान गोपाल सिंह जैंतवाल और वीर चंद्र सिंह गढ़वाली चौथान विकास समिति के सचिव भीम सिंह रावत ने बताया कि चौथान पट्टी की सरकार लगातार उपेक्षा कर रही है। यहां लोगों को प्राथमिक उपचार तक नहीं मिलता है। क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बूंगीधार है, लेकिन वहां डाक्टर नहीं रहते और दवाएं नहीं मिलतीं। एक फार्मेसिस्ट है। उसका कोई अता-पता नहीं रहता है। उन्होंने बताया कि सुअर के हमले में घायल महिला को प्राथमिक उपचार व एंबुलेंस सेवा तक नहीं मिली। वनक्षेत्राधिकारी थलीसैंण अनिल रावत ने बताया कि जैंती खास गांव में गीता देवी पत्नी सुरेंद्र सिंह को सुअर ने हमला कर घायल कर दिया है।
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विभिन्न घटनाओं में इन घायलों को नहीं मिला उपचार
पौड़ी। चौथान पट्टी के रणियास गांव की गीता देवी पास के जंगल में चारापत्ती लेने गई थी, जहां वह पेड़ से गिर गई। गीता देवी का उपचार दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में चल रहा है। भरनौं गांव की सौड़ी देवी घास लेने गई थी, जहां वह पांव फिसलने से घायल हो गई थी। देवराड़ी गांव के केशर सिंह रावत चारापत्ती के लिए गए थे। पेड़ से गिरने के बाद नोएडा में उन्होंने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया है। इसी गांव के पूर्व सैनिक ध्यान सिंह रावत भी पेड़ से गिरकर घायल हो गए थे। उनका उपचार दीनदयाल चिकित्सालय दिल्ली में चल रहा है।
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