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लंबित मांगों को लेकर सड़कों पर उतरेंगे गेस्ट टीचर
Updated Sat, 04 Aug 2018 10:20 PM IST
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पौड़ी। राजकीय माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ ने लंबित मांगों पर अमल न होने पर सड़कों पर उतरने का एलान किया है। संगठन ने कहा कि सरकार ने अतिथि शिक्षकों के सुरक्षित भविष्य का वादा किया गया था, लेकिन अब तक इसके लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
संगठन के जिलाध्यक्ष हरीश थपलियाल ने कहा कि उत्तराखंड में एलटी संवर्ग में 3089 और प्रवक्ता संवर्ग में 4609 शिक्षकों के पद रिक्त हैं। नया शिक्षा सत्र शुरू हुए चार महीने बीत चुके हैं, लेकिन स्कूलों में शिक्षक न होने से न बच्चों और अतिथि शिक्षकों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने अतिथि शिक्षकों को सेवा विस्तार दिया जाने की बात कही। संगठन के जिला उपाध्यक्ष दिवाकर मिश्रा ने कहा कि अतिथि शिक्षकों ने प्रदेश के दुर्गम और अति दुर्गम विद्यालयों में अपनी सेवाएं दी। इसी का परिणाम रहा कि पिछले तीन वर्षों के बोर्ड परीक्षा फल में वृद्धि हुई है। इसके बावजूद 31 मार्च 2018 को शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी गई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के आश्वासन के बावजूद अब तक अतिथि शिक्षकों की सेवाएं बहाल नहीं हो पायी हैं। यदि शीघ्र बहाली न हुई तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।
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संगठन के जिलाध्यक्ष हरीश थपलियाल ने कहा कि उत्तराखंड में एलटी संवर्ग में 3089 और प्रवक्ता संवर्ग में 4609 शिक्षकों के पद रिक्त हैं। नया शिक्षा सत्र शुरू हुए चार महीने बीत चुके हैं, लेकिन स्कूलों में शिक्षक न होने से न बच्चों और अतिथि शिक्षकों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने अतिथि शिक्षकों को सेवा विस्तार दिया जाने की बात कही। संगठन के जिला उपाध्यक्ष दिवाकर मिश्रा ने कहा कि अतिथि शिक्षकों ने प्रदेश के दुर्गम और अति दुर्गम विद्यालयों में अपनी सेवाएं दी। इसी का परिणाम रहा कि पिछले तीन वर्षों के बोर्ड परीक्षा फल में वृद्धि हुई है। इसके बावजूद 31 मार्च 2018 को शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी गई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के आश्वासन के बावजूद अब तक अतिथि शिक्षकों की सेवाएं बहाल नहीं हो पायी हैं। यदि शीघ्र बहाली न हुई तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।
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