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विभाग के गलत नियोजन का खामियाजा भुगत रहे ग्वाड़ व टोला के ग्रामीण
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श्रीनगर। विकासखंड कीर्तिनगर के ग्वाड़ व टोला के ग्रामीण आज भी विभाग के गलत नियोजन का खामियाजा भुगत रहे है। इन गांवों तक सड़क पहुंचाने के लिए वर्ष 1996-97 में हल्का वाहन मार्ग का निर्माण शुरू हुआ था, लेकिन 23 साल बाद भी क्षेत्र के यह गांव सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाए हैं।
ग्वाड़ व टोला के ग्रामीण आज भी सड़क सुविधा से करीब 8 किमी दूर है। इन गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए वर्ष 1996-97 में धनराशि स्वीकृत की गई थी। इसके तहत लोक निर्माण विभाग की ओर से करीब 2 किमी हल्का वाहन मार्ग का निर्माण करवाया गया। मलेथा से ग्वाड़ व टोला तक मोटर मार्ग निर्माण होने से क्षेत्र के बडोला, बडोन, देवली, जखेड़, कोटी, पिलखी, गवाणा, राडागाढ, सहित करीब 24 से अधिक गांव इससे जुड़ने थे, जिससे ग्रामीणों को यातायात सुविधा के साथ ही व्यवसायिक लाभ होता, लेकिन विभाग ने इस सोच को नकार दिया। मार्ग को आगे बढ़ाने के बजाय क्षेत्र के गांवों के लिए अलग-अलग स्थानों से मोटर मार्ग का निर्माण करवा दिया गया। विभाग के इस नियोजन से क्षेत्र के सौड़, पिलखी, बागडियों सहित कई गांव आज भी मार्ग से अछूते है। अगर मलेथा से टोला व ग्वाड़ तक मार्ग का निर्माण किया जाता तो सभी गांव एक ही मोटर मार्ग से लिंक किए जा सकते थे। क्षेत्र के पूर्व जिला पंचायत सदस्य महिपाल बुटोला, भरत सिंह, रघुवीर सिंह, राजेंद्र प्रसाद, भगत सिंह आदि ग्रामीणों ने पूर्व में प्रस्तावित मलेथा-ग्वाड़ टोला मोटर मार्ग को आगे बढ़ाए जाने की मांग की है। ग्रामीणों का मानना है कि इस मार्ग के निर्माण से ग्रामीणों को तहसील व ब्लाक मुख्यालय सहित बाजार तक पहुंचने में कम दूरी नापनी पड़ेगी।
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ग्वाड़ व टोला के ग्रामीण आज भी सड़क सुविधा से करीब 8 किमी दूर है। इन गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए वर्ष 1996-97 में धनराशि स्वीकृत की गई थी। इसके तहत लोक निर्माण विभाग की ओर से करीब 2 किमी हल्का वाहन मार्ग का निर्माण करवाया गया। मलेथा से ग्वाड़ व टोला तक मोटर मार्ग निर्माण होने से क्षेत्र के बडोला, बडोन, देवली, जखेड़, कोटी, पिलखी, गवाणा, राडागाढ, सहित करीब 24 से अधिक गांव इससे जुड़ने थे, जिससे ग्रामीणों को यातायात सुविधा के साथ ही व्यवसायिक लाभ होता, लेकिन विभाग ने इस सोच को नकार दिया। मार्ग को आगे बढ़ाने के बजाय क्षेत्र के गांवों के लिए अलग-अलग स्थानों से मोटर मार्ग का निर्माण करवा दिया गया। विभाग के इस नियोजन से क्षेत्र के सौड़, पिलखी, बागडियों सहित कई गांव आज भी मार्ग से अछूते है। अगर मलेथा से टोला व ग्वाड़ तक मार्ग का निर्माण किया जाता तो सभी गांव एक ही मोटर मार्ग से लिंक किए जा सकते थे। क्षेत्र के पूर्व जिला पंचायत सदस्य महिपाल बुटोला, भरत सिंह, रघुवीर सिंह, राजेंद्र प्रसाद, भगत सिंह आदि ग्रामीणों ने पूर्व में प्रस्तावित मलेथा-ग्वाड़ टोला मोटर मार्ग को आगे बढ़ाए जाने की मांग की है। ग्रामीणों का मानना है कि इस मार्ग के निर्माण से ग्रामीणों को तहसील व ब्लाक मुख्यालय सहित बाजार तक पहुंचने में कम दूरी नापनी पड़ेगी।
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