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विद्यालयों के एकीकरण का शासनादेश निरस्त न होने पर दी धरना प्रदर्शन की चेतावनी
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श्रीनगर। जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ टिहरी ने उच्चीकृत जूनियर हाईस्कूलों के एकीकरण का शासनादेश निरस्त न किए जाने पर निदेशालय के संमुख प्रदर्शन व महारैली की चेतावनी दी है। संघ ने कहा कि सरकार वित्तीय बचत के लिए जिले में कार्यरत 321 शिक्षकों का अहित कर रही है।
बृहस्पतिवार को शिक्षक संघ की बैठक में उच्चीकृत जूनियर हाईस्कूलों के एकीकरण के लिए जारी शासनादेश को निरस्त करने की मांग की गई। संघ ने शासनादेश निरस्त न किए जाने पर 18 जून को निदेशालय पर प्रदर्शन व 25 जून को महारैली की घोषणा की है। संघ के जिला महामंत्री किशोर सजवाण ने कहा कि वर्ष 2016 में अपर मुख्य सचिव ने शासनादेश जारी कर जूनियर हाईस्कूलों का संचालन पृथक रूप से किए जाने को कहा था, लेकिन अब एकीकरण का शासनादेश जारी कर शिक्षकों के हितों को प्रभावित किया जा रहा है। कहा कि यदि सरकार/विभाग को वित्तीय बचत की इतनी ही चिंता है तो विद्यालयों के विलीनीकरण से पूर्व छोटे से राज्य में स्थापित चार शिक्षा निदेशालयों का एकीकरण किया जाना चाहिए। जिस पर कि वित्त विभाग भी आपत्ति दर्ज कर चुका है। इस मौके पर मौजूद शिक्षकों ने हाल ही में जारी शासनादेश को निरस्त कर वर्ष 2016 के शासनादेश को लागू करने की मांग की है। बैठक में जगवीर खरोला, मुनेंद्र राणा, लक्ष्मी प्रसाद कुकरेती, सतीश फोंदणी, मानकी शाह, बृजभूषण उनियाल आदि ने भी विचार रखे।
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बृहस्पतिवार को शिक्षक संघ की बैठक में उच्चीकृत जूनियर हाईस्कूलों के एकीकरण के लिए जारी शासनादेश को निरस्त करने की मांग की गई। संघ ने शासनादेश निरस्त न किए जाने पर 18 जून को निदेशालय पर प्रदर्शन व 25 जून को महारैली की घोषणा की है। संघ के जिला महामंत्री किशोर सजवाण ने कहा कि वर्ष 2016 में अपर मुख्य सचिव ने शासनादेश जारी कर जूनियर हाईस्कूलों का संचालन पृथक रूप से किए जाने को कहा था, लेकिन अब एकीकरण का शासनादेश जारी कर शिक्षकों के हितों को प्रभावित किया जा रहा है। कहा कि यदि सरकार/विभाग को वित्तीय बचत की इतनी ही चिंता है तो विद्यालयों के विलीनीकरण से पूर्व छोटे से राज्य में स्थापित चार शिक्षा निदेशालयों का एकीकरण किया जाना चाहिए। जिस पर कि वित्त विभाग भी आपत्ति दर्ज कर चुका है। इस मौके पर मौजूद शिक्षकों ने हाल ही में जारी शासनादेश को निरस्त कर वर्ष 2016 के शासनादेश को लागू करने की मांग की है। बैठक में जगवीर खरोला, मुनेंद्र राणा, लक्ष्मी प्रसाद कुकरेती, सतीश फोंदणी, मानकी शाह, बृजभूषण उनियाल आदि ने भी विचार रखे।
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