{"_id":"5cb20300bdec2214666d9289","slug":"151555170048-pauri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मनरेगा भी लोगों को 100 दिन का रोजगार देने में हो रही नाकाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मनरेगा भी लोगों को 100 दिन का रोजगार देने में हो रही नाकाम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
श्रीनगर। विकास खंड कीर्तिनगर की 85 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत मात्र 48 गांवों के 214 लोगों को ही सौ दिन का रोजगार मिल पाया है। जबकि विकास खंड में 11370 जाबकार्ड धारक है।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत वर्ष 2018-19 में विकास खंड कीर्तिनगर के लोगों को 100 दिन का पूरा रोजगार नहीं दे पाया है। जिन 48 ग्राम पंचायतों में 100 दिन का रोजगार दिया गया है उसमें ग्राम पंचायत जखंड सबसे आगे है। यहां 22 लोगों ने ही 100 दिन काम किया है। अन्य ग्राम पंचायातों में यह आंकड़ा 14 से कम है। जबकि इन गांवों में श्रमिकों की संख्या 500 से अधिक है। डीपीओ दिनेश जगवाण ने बताया कि पूरे विकास खंड में गत वित्तीय वर्ष में 1 लाख 95 हजार 919 मानव दिवस सृजित किए गए है। ग्राम पंचायत गहड़ में मात्र 12 दिन का ही रोजगार सृजित किया गया है। जिसका कारण ग्राम पंचायत में पंजीकृत श्रमिकों की ओर से रोजगार की मांग न किया जाना है। दूसरी ओर खंड विकास अधिकारी केएस रावत ने बताया कि गत वित्तीय वर्ष में तीन खंड विकास अधिकारी बदले गए जिससे कार्य प्रभावित हुए है। बताया कि जिन ग्राम पंचायतों के श्रमिकों की ओर से रोजगार की मांग की जा रही है। उन्हें रोजगार उपलब्ध करवाया जा रहा है।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत वर्ष 2018-19 में विकास खंड कीर्तिनगर के लोगों को 100 दिन का पूरा रोजगार नहीं दे पाया है। जिन 48 ग्राम पंचायतों में 100 दिन का रोजगार दिया गया है उसमें ग्राम पंचायत जखंड सबसे आगे है। यहां 22 लोगों ने ही 100 दिन काम किया है। अन्य ग्राम पंचायातों में यह आंकड़ा 14 से कम है। जबकि इन गांवों में श्रमिकों की संख्या 500 से अधिक है। डीपीओ दिनेश जगवाण ने बताया कि पूरे विकास खंड में गत वित्तीय वर्ष में 1 लाख 95 हजार 919 मानव दिवस सृजित किए गए है। ग्राम पंचायत गहड़ में मात्र 12 दिन का ही रोजगार सृजित किया गया है। जिसका कारण ग्राम पंचायत में पंजीकृत श्रमिकों की ओर से रोजगार की मांग न किया जाना है। दूसरी ओर खंड विकास अधिकारी केएस रावत ने बताया कि गत वित्तीय वर्ष में तीन खंड विकास अधिकारी बदले गए जिससे कार्य प्रभावित हुए है। बताया कि जिन ग्राम पंचायतों के श्रमिकों की ओर से रोजगार की मांग की जा रही है। उन्हें रोजगार उपलब्ध करवाया जा रहा है।
विज्ञापन