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गर्भवती महिलाओं को चारपाई के सहारे पहुंचाया जाता है अस्पताल
Updated Sun, 15 Jul 2018 10:56 PM IST
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पाबौ। विकासखंड की बालीकंडारस्यूं पट्टी के देवकोट, घुमकी, डोलडुगा और कुलयाणी में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। गांव तक सड़क न होने से बीमार और गर्भवती महिलाओं को इलाज के लिए चारपाई से पैदल अस्पताल पहुंचाया जाता है।
प्रदेश के सबसे अधिक मंत्रियों वाले जनपद के इन गांवों के ग्रामीणों को बस पकड़ने के लिए सैंजी या नोठा तक पांच किलोमीटर की पैदल दूरी तय करनी पड़ रही है। ऐसे में सबसे अधिक परेशानी गांव में किसी के बीमार होने या फिर गर्भवती महिलाओं को उठानी पड़ रही है। गांव तक वाहन न जाने से चारपाई से इन्हें मुख्य मार्ग तक लाया जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है बुनियादी सुविधाओं के अभाव में लोग गांव से पलायन करते जा रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र नौटियाल ने बताया कि ग्रामीण लंबे समय से सड़क की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन अब तक गांव में सड़क नहीं पहुंच पाई है। स्थानीय निवासी भोपाल सिंह, आनंदमणि, सावर सिंह, सुरेंद्र सिंह, बालम सिंह, महाबीर खंकरियाल आदि बताते हैं कि गांव में सड़क न होने से उन्हें बस पकड़ने के लिए सैंजी या नोठा तक पांच किलोमीटर की पैदल दूरी तय करनी पड़ती है।
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प्रदेश के सबसे अधिक मंत्रियों वाले जनपद के इन गांवों के ग्रामीणों को बस पकड़ने के लिए सैंजी या नोठा तक पांच किलोमीटर की पैदल दूरी तय करनी पड़ रही है। ऐसे में सबसे अधिक परेशानी गांव में किसी के बीमार होने या फिर गर्भवती महिलाओं को उठानी पड़ रही है। गांव तक वाहन न जाने से चारपाई से इन्हें मुख्य मार्ग तक लाया जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है बुनियादी सुविधाओं के अभाव में लोग गांव से पलायन करते जा रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र नौटियाल ने बताया कि ग्रामीण लंबे समय से सड़क की मांग करते आ रहे हैं, लेकिन अब तक गांव में सड़क नहीं पहुंच पाई है। स्थानीय निवासी भोपाल सिंह, आनंदमणि, सावर सिंह, सुरेंद्र सिंह, बालम सिंह, महाबीर खंकरियाल आदि बताते हैं कि गांव में सड़क न होने से उन्हें बस पकड़ने के लिए सैंजी या नोठा तक पांच किलोमीटर की पैदल दूरी तय करनी पड़ती है।
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