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शहर के चार हजार से अधिक लोग पी रहे हैं दूषित पानी
Updated Sun, 05 Nov 2017 10:22 PM IST
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पौड़ी। पौड़ी में दूषित पेयजल आपूर्ति शहरवासियों के स्वास्थ्य को बिगाड़ सकती है। यह तब खुलकर सामने आया जब शनिवार को हरे रंग का पानी सप्लाई किया गया। पानी खुलते ही खलबली मच गई। लोगों ने जल संस्थान के अधिकारियों को फोन घनघनाए। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने आनन-फानन में शहर के इस हिस्से में पानी की सप्लाई बंद कराई। जल संस्थान के अधिकारी अब मामले की छानबीन कर संबंधित पक्ष को नोटिस भेजने की बात कह रहे हैं।
लक्ष्मीनारायण पेयजल स्रोत से जल संस्थान श्रीनगर रोड, न्यू विकास कॉलोनी, सतपाल धर्मशाला मोहल्ला और पिक्चर हॉल मोहल्ला में पानी की सप्लाई करता है। शहर के इस हिस्से की आबादी 4000 से अधिक है। शनिवार सुबह लोगों के घरों तक पानी पहुंचा तो उसका रंग हरा नजर आया। पानी देखकर लोगों के चेहरे का रंग भी उड़ता नजर आया। श्रीनगर रोड निवासी राकेश कुुमार, आरपी नौटियाल और गौरव ने जल संस्थान के अधिकारियों को इसकी सूचना दी। सूचना पर जेई सुनील कुमार और फीटर कमल सिंह मौके पहुंचे और मुआयना किया। पता लगा कि स्रोत के समीप पेंट और पुताई का रंग पड़ा हुआ है। विभाग ने तत्काल सप्लाई बंद कर दी। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता एसके गुुप्ता ने बताया कि स्रोत के समीप पुताई का रंग-पेंट डालने वाले को चिह्नित कर नोटिस भेजने की तैयारी चल रही है। स्रोत के आसपास सफाई करने के साथ ही नगरपालिका को स्रोत के आसपास सफाई पर ध्यान देने का अनुरोध किया गया है।
रंग मिले पानी से हो सकता है स्वास्थ्य खराब जिला अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डीपी जोशी ने बताया कि रंग में खतरनाक रसायन होते हैं। इस तरह का पानी पीने से खासकर बच्चों में पीलिया बढ़ सकता है। इससे नहाने या हाथ मुुंह धोने से शरीर में एलर्जी भी होती है। यही नहीं, गर्भवती महिलाओं और बीमार व्यक्तियों को भी ऐसे पानी के इस्तेमाल से नुकसान हो सकता है।
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लक्ष्मीनारायण पेयजल स्रोत से जल संस्थान श्रीनगर रोड, न्यू विकास कॉलोनी, सतपाल धर्मशाला मोहल्ला और पिक्चर हॉल मोहल्ला में पानी की सप्लाई करता है। शहर के इस हिस्से की आबादी 4000 से अधिक है। शनिवार सुबह लोगों के घरों तक पानी पहुंचा तो उसका रंग हरा नजर आया। पानी देखकर लोगों के चेहरे का रंग भी उड़ता नजर आया। श्रीनगर रोड निवासी राकेश कुुमार, आरपी नौटियाल और गौरव ने जल संस्थान के अधिकारियों को इसकी सूचना दी। सूचना पर जेई सुनील कुमार और फीटर कमल सिंह मौके पहुंचे और मुआयना किया। पता लगा कि स्रोत के समीप पेंट और पुताई का रंग पड़ा हुआ है। विभाग ने तत्काल सप्लाई बंद कर दी। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता एसके गुुप्ता ने बताया कि स्रोत के समीप पुताई का रंग-पेंट डालने वाले को चिह्नित कर नोटिस भेजने की तैयारी चल रही है। स्रोत के आसपास सफाई करने के साथ ही नगरपालिका को स्रोत के आसपास सफाई पर ध्यान देने का अनुरोध किया गया है।
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रंग मिले पानी से हो सकता है स्वास्थ्य खराब जिला अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डीपी जोशी ने बताया कि रंग में खतरनाक रसायन होते हैं। इस तरह का पानी पीने से खासकर बच्चों में पीलिया बढ़ सकता है। इससे नहाने या हाथ मुुंह धोने से शरीर में एलर्जी भी होती है। यही नहीं, गर्भवती महिलाओं और बीमार व्यक्तियों को भी ऐसे पानी के इस्तेमाल से नुकसान हो सकता है।
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