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श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की हुई डेढ़ सौ सीट
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एनएमसी (राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान परिषद) ने राजकीय मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 50 सीट बढ़ाने की अनुमति दे दी है। अब मेडिकल कॉलेज में 150 सीट हो जाएगी। सीट वृद्धि से मेडिकल फील्ड में आने के इच्छुक छात्र-छात्राओं को ज्यादा मौका मिलेगा।
वर्ष 2008 में एमबीबीएस की 100 सीटों के साथ श्रीनगर मेडिकल कॉलेज की स्थापना हुई थी। वर्ष 2019 में ईडब्लूएस (आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग) आरक्षण लागू होने के बाद यहां 125 सीट में दाखिला होने लगा। मौजूदा समय में मेडिकल कॉलेज से संबद्ध बेस अस्पताल की क्षमता 700 बेड की हो गई है। ऐसे में संस्थान ने एमबीबीएस की 150 सीट करने का निर्णय लिया था। चिकित्सा शिक्षा विवि और शासन ने अनुमति मिलने के बाद कॉलेज प्रशासन ने दिसंबर 2020 में 150 सीटों के लिए एनएमसी में आवेदन किया था।
इस बीच एनएमसी ने कॉलेज के संसाधनों को परखने के लिए दौरा किया। निरीक्षण के बाद एनएमसी ने फैकल्टी और अन्य संसाधनों की कमी दूर करने के निर्देश दिए। वहीं, अगस्त 2021 मेें शासन ने पीजी और 150 सीट की जरूरत को देखते हुए यहां फैकल्टी के 122 अतिरिक्त पद स्वीकृत किए, जिसके बाद यहां फैकल्टी की संख्या 364 पहुंच गई। साथ ही आपत्तियों का निराकरण करते हुए कॉलेज प्रशासन की ओर से संविदा पर फैकल्टी की नियुक्ति की गई। कमियां दूर करते हुए कॉलेज ने पुन: निरीक्षण के लिए आवेदन किया। प्राचार्य प्रो. सीएम रावत ने बताया कि निरीक्षण के पश्चात व्यवस्थाओं से संतुष्ट होते हुए एनएमसी ने 50 सीट बढ़ाने की स्वीकृति दे दी। सत्र 2021-22 में एमबीबीएस की 150 सीटों में प्रवेश होगा।
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वर्ष 2008 में एमबीबीएस की 100 सीटों के साथ श्रीनगर मेडिकल कॉलेज की स्थापना हुई थी। वर्ष 2019 में ईडब्लूएस (आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग) आरक्षण लागू होने के बाद यहां 125 सीट में दाखिला होने लगा। मौजूदा समय में मेडिकल कॉलेज से संबद्ध बेस अस्पताल की क्षमता 700 बेड की हो गई है। ऐसे में संस्थान ने एमबीबीएस की 150 सीट करने का निर्णय लिया था। चिकित्सा शिक्षा विवि और शासन ने अनुमति मिलने के बाद कॉलेज प्रशासन ने दिसंबर 2020 में 150 सीटों के लिए एनएमसी में आवेदन किया था।
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इस बीच एनएमसी ने कॉलेज के संसाधनों को परखने के लिए दौरा किया। निरीक्षण के बाद एनएमसी ने फैकल्टी और अन्य संसाधनों की कमी दूर करने के निर्देश दिए। वहीं, अगस्त 2021 मेें शासन ने पीजी और 150 सीट की जरूरत को देखते हुए यहां फैकल्टी के 122 अतिरिक्त पद स्वीकृत किए, जिसके बाद यहां फैकल्टी की संख्या 364 पहुंच गई। साथ ही आपत्तियों का निराकरण करते हुए कॉलेज प्रशासन की ओर से संविदा पर फैकल्टी की नियुक्ति की गई। कमियां दूर करते हुए कॉलेज ने पुन: निरीक्षण के लिए आवेदन किया। प्राचार्य प्रो. सीएम रावत ने बताया कि निरीक्षण के पश्चात व्यवस्थाओं से संतुष्ट होते हुए एनएमसी ने 50 सीट बढ़ाने की स्वीकृति दे दी। सत्र 2021-22 में एमबीबीएस की 150 सीटों में प्रवेश होगा।
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