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अंथवाल अध्यक्ष व गैरोला बने राष्ट्रीय ज्योतिष परिषद के उपाध्यक्ष
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श्रीनगर। राष्ट्रीय ज्योतिष परिषद के स्थापना दिवस पर उत्तराखंड शाखा का गठन किया गया है। इस दौरान शाखा के पदाधिकारियों का गठन करने के साथ ही ज्योतिष विज्ञान का चिकित्सा के क्षेत्र में महत्व पर चर्चा की गई।
बुधवार को जीएमवीएन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने ज्योतिष शास्त्र के बारे में चर्चा की। मुख्य अतिथि संस्कृत संस्थान देवप्रयाग के ज्योतिष विभाग के विभागाध्यक्ष मुकेश शर्मा व पूर्व पालिकाध्यक्ष कृष्णानंद मैठाणी ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। दो सत्रों में आयोजित हुए कार्यक्रम के पहले सत्र में उत्तराखंड शाखा की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष आचार्य भाष्करानंद अंथवाल, उपाध्यक्ष डा. रामानंद गैरोला, महासचिव डा. प्रकाश चमोली, संगठन सचिव राकेश थपलियाल, अनिल सिंधवाल व प्रचार सचिव राजीव विश्रोई, नवीन प्रकाश नौटियाल तथा मंडल प्रमुख विपिन डंडरियाल को सर्वसहमती से चुना गया। इसके अलावा जनपद टिहरी से दिनेश जोशी, पौड़ी से सुरेंद्र प्रसाद कुकरेती, रुद्रप्रयाग से गोवर्धन सेमवाल, चमोली से प्रदीप पुरोहित, नैनीताल, अल्मोडा व बागेश्वर से क्रमश: हरीश जोशी, विजय व गोविंद बल्लभ भट्ट को जनपद शाखा प्रमुख की जिम्मेदारी सौंपी गई। हिमालय साहित्य एवं कला परिषद ने कार्यक्रम के संचालन में अपना सहयोग दिया। इस मौके पर वक्ताओं ने उत्तराखंड की ज्योतिष शास्त्र से जुड़ी पुस्तिकाओं को सुरक्षित करने पर भी जोर दिया। दूसरे सत्र में कार्यक्रम में पहुंचे ज्योतिषाचार्यों ने अपने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। साथ ही ज्योतिष शास्त्र की वैज्ञानिक उपयोगिता व रोगों के निदान में ज्योतिष के महत्व के बारे में बताया।
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बुधवार को जीएमवीएन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में वक्ताओं ने ज्योतिष शास्त्र के बारे में चर्चा की। मुख्य अतिथि संस्कृत संस्थान देवप्रयाग के ज्योतिष विभाग के विभागाध्यक्ष मुकेश शर्मा व पूर्व पालिकाध्यक्ष कृष्णानंद मैठाणी ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। दो सत्रों में आयोजित हुए कार्यक्रम के पहले सत्र में उत्तराखंड शाखा की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष आचार्य भाष्करानंद अंथवाल, उपाध्यक्ष डा. रामानंद गैरोला, महासचिव डा. प्रकाश चमोली, संगठन सचिव राकेश थपलियाल, अनिल सिंधवाल व प्रचार सचिव राजीव विश्रोई, नवीन प्रकाश नौटियाल तथा मंडल प्रमुख विपिन डंडरियाल को सर्वसहमती से चुना गया। इसके अलावा जनपद टिहरी से दिनेश जोशी, पौड़ी से सुरेंद्र प्रसाद कुकरेती, रुद्रप्रयाग से गोवर्धन सेमवाल, चमोली से प्रदीप पुरोहित, नैनीताल, अल्मोडा व बागेश्वर से क्रमश: हरीश जोशी, विजय व गोविंद बल्लभ भट्ट को जनपद शाखा प्रमुख की जिम्मेदारी सौंपी गई। हिमालय साहित्य एवं कला परिषद ने कार्यक्रम के संचालन में अपना सहयोग दिया। इस मौके पर वक्ताओं ने उत्तराखंड की ज्योतिष शास्त्र से जुड़ी पुस्तिकाओं को सुरक्षित करने पर भी जोर दिया। दूसरे सत्र में कार्यक्रम में पहुंचे ज्योतिषाचार्यों ने अपने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। साथ ही ज्योतिष शास्त्र की वैज्ञानिक उपयोगिता व रोगों के निदान में ज्योतिष के महत्व के बारे में बताया।
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