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पिनानी क्षेत्र में हुए विकास कार्यों के जांच के आदेश
Updated Tue, 07 Aug 2018 11:04 PM IST
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पौड़ी। विकास खंड पाबौ के अंतर्गत ग्राम पिनानी क्षेत्र में हुए विकास कार्यों के संबंध में विधायक व कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने जिलाधिकारी पौड़ी को जांच के आदेश जारी किए हैं। ग्राम विकास समिति पिनानी के अध्यक्ष शशि प्रसाद पोखरियाल ने कैबिनेट मंत्री को शिकायत पत्र भेजा था। उन्होंने बताया कि 2008 के दौरान ग्राम पिनानी में मिलन केंद्र का निर्माण किया गया था। उस समय 14 लाख का एस्टीमेट बना था, जिसमें सात लाख रुपये अवमुक्त हो चुके हैं। इससे मिलन केंद्र का ढांचा खड़ा हो पाया है। खंड विकास अधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी को कई बार कहने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इसके अलावा वर्ष 2012 में टैंक का निर्माण किया गया था। टैंक पर निर्माण सामग्री सही न लगने के कारण इससे जगह-जगह से रिसाव हो रहा है। गांव में अनुसूचित जाति के लिए एक संयुक्त शौचालय का प्रस्ताव पास हुआ, जिसके लिए 80 हजार रुपये अवमुक्त किए गए, लेकिन शौचालय का अभी तक कोई पता नहीं है। 2004-05 में जूनियर हाईस्कूल सिंवाल के नजदीक एक पटवारी चौकी बनाई गई। पटवारी चौकी बनने के बाद ही वह ध्वस्त हो गई। अब तक शासन ने इस तरफ कोई कार्रवाई नहीं की। 2014-15 में ओलावृष्टि व 2016 में सूखाग्रस्त के मुआवजे अभी तक पीड़ितों को नहीं मिल पाए। पट्टी पटवारी पूर्व में सिंवाल, पिनानी और नागडू में रहते थे, लेकिन अब वह पाबौ में बैठते हैं। इससे क्षेत्र की जनता को परेशान होना पड़ता है।
संबंधित अधिकारियों को कई बार जांच का समय दिया जा रहा है, लेकिन वह हर बार बाहर होने की बात कह रहे हैं। अब अंतिम बार समय दिया जा रहा है। यदि इसके बाद भी संबंधित अधिकारी जांच में सहयोग नहीं करते तो उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा।
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- एमएम खान, जिला पंचायत अधिकारी।
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इसके अलावा वर्ष 2012 में टैंक का निर्माण किया गया था। टैंक पर निर्माण सामग्री सही न लगने के कारण इससे जगह-जगह से रिसाव हो रहा है। गांव में अनुसूचित जाति के लिए एक संयुक्त शौचालय का प्रस्ताव पास हुआ, जिसके लिए 80 हजार रुपये अवमुक्त किए गए, लेकिन शौचालय का अभी तक कोई पता नहीं है। 2004-05 में जूनियर हाईस्कूल सिंवाल के नजदीक एक पटवारी चौकी बनाई गई। पटवारी चौकी बनने के बाद ही वह ध्वस्त हो गई। अब तक शासन ने इस तरफ कोई कार्रवाई नहीं की। 2014-15 में ओलावृष्टि व 2016 में सूखाग्रस्त के मुआवजे अभी तक पीड़ितों को नहीं मिल पाए। पट्टी पटवारी पूर्व में सिंवाल, पिनानी और नागडू में रहते थे, लेकिन अब वह पाबौ में बैठते हैं। इससे क्षेत्र की जनता को परेशान होना पड़ता है।
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संबंधित अधिकारियों को कई बार जांच का समय दिया जा रहा है, लेकिन वह हर बार बाहर होने की बात कह रहे हैं। अब अंतिम बार समय दिया जा रहा है। यदि इसके बाद भी संबंधित अधिकारी जांच में सहयोग नहीं करते तो उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा।
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- एमएम खान, जिला पंचायत अधिकारी।