{"_id":"59a8420d4f1c1b08278b495f","slug":"111504199181-pauri-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"किशोरी से दुष्कर्म में युवक को दस साल कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किशोरी से दुष्कर्म में युवक को दस साल कैद
Updated Thu, 31 Aug 2017 10:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पौड़ी। पड़ोस में रहने वाली किशोरी को बहला फुसलाकर भगाने और दुष्कर्म के दोषी युवक को जिला अदालत ने 10 साल की कैद और 14 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। मामला श्रीनगर थाना क्षेत्र का है।
अभियोजन के मुताबिक हरिद्वार जिले के बड़ा रसूलपुर लालढांग निवासी अजय मेहर तब श्रीनगर क्षेत्र में किराए में रहता था। 22 दिसंबर को वह पड़ोसी की 14 वर्षीय लड़की को बहला फुसलाकर भगा ले गया। लड़की की मां ने 23 दिसंबर को श्रीनगर के महिला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने अजय मेहर को गिरफ्तार कर लड़की को उसी के घर से बरामद किया। लड़की के मजिस्ट्रेटी बयानों के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर भगा ले जाने, शादी के लिए दबाव डालने, दुराचार और पोक्सो अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। अभियोजन पक्ष ने अदालत में कुल सात गवाह पेश किए। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता अवनीश नेगी और विशेष अभियोजक राकेश सामवेदी ने केस की पैरवी की। जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुंवर सेन ने गवाहों को सुनने और प्रस्तुत साक्ष्यों के परीक्षण के बाद आरोपी को विभिन्न धाराओं में 10 साल की कैद और 14 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
विज्ञापन
अभियोजन के मुताबिक हरिद्वार जिले के बड़ा रसूलपुर लालढांग निवासी अजय मेहर तब श्रीनगर क्षेत्र में किराए में रहता था। 22 दिसंबर को वह पड़ोसी की 14 वर्षीय लड़की को बहला फुसलाकर भगा ले गया। लड़की की मां ने 23 दिसंबर को श्रीनगर के महिला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने अजय मेहर को गिरफ्तार कर लड़की को उसी के घर से बरामद किया। लड़की के मजिस्ट्रेटी बयानों के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर भगा ले जाने, शादी के लिए दबाव डालने, दुराचार और पोक्सो अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। अभियोजन पक्ष ने अदालत में कुल सात गवाह पेश किए। अभियोजन की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता अवनीश नेगी और विशेष अभियोजक राकेश सामवेदी ने केस की पैरवी की। जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुंवर सेन ने गवाहों को सुनने और प्रस्तुत साक्ष्यों के परीक्षण के बाद आरोपी को विभिन्न धाराओं में 10 साल की कैद और 14 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
विज्ञापन