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जब स्कूलों में छुट्टियां हुईं तब चले जांच करने
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 23 May 2017 12:53 AM IST
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निजी स्कूलों की आई शामत
- फोटो : concept photo
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प्रवेश प्रक्रिया भी खत्म हो गई और पब्लिक स्कूलों में ग्रीष्मकालीन छुट्टियां भी पड़ गईं। अब जाकर निजी स्कूलों में री-एडमिशन शुल्क और कॉशन मनी लिए जाने की शिकायतों की जांच की याद आई। अब एसडीएम की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। मुख्य शिक्षा अधिकारी के माध्यम जांच की साप्ताहिक समीक्षा डीएम करेंगे।
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शिक्षामंत्री अरविंद पांडेय के आदेश पर शासन ने 27 अप्रैल को एक आदेश जारी किया था। इसमें सीबीएसई, आईसीएसई या उत्तराखंड बोर्ड से संबद्ध मान्यता प्राप्त स्कूलों में प्रवेश शुल्क एवं कॉशन मनी/ कैपीटेशन शुल्क पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए थे।
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जनपदीय शिक्षा अधिकारी के स्तर से प्रभावशाली समिति गठित करने के निर्देश दिए गए थे ताकि अभिभावकों का उत्पीड़न न किया जा सके। लेकिन शिक्षा विभाग के जिला स्तर के अधिकारी करीब एक महीने तक कुछ नहीं कर सके।
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अधिकारियों ने इस कार्य को बिना जिला प्रशासन के सहयोग से किए जाने में असमर्थता जाहिर की। इस पर विद्यालयी शिक्षा महानिदेशक कैप्टन आलोक शेखर तिवारी ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रावधानों के क्रम में तहसील स्तर पर उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिसमें खंड शिक्षा अधिकारी सदस्य, उपजिलाधिकारी सदस्य सचिव और स्थानीय पुलिस अधिकारी सदस्य हो की एक समिति गठित करने के आदेश डीएम को जारी किए हैं।
हालांकि यह आदेश 18 मई को जारी हुआ लेकिन अभी तक तहसील स्तर पर कहीं भी कमेटी का गठन नहीं हो सका है।