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बजट नहीं तो योजना बंद करो: हाईकोर्ट ने सरकार को लगाई फटकार, मेधावी बालिकाओं को क्यों नहीं मिला लाभ?
Mon, 24 Aug 2026 10:49 PM IST
Heera
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
Published by: Heera
Updated Mon, 24 Aug 2026 10:49 PM IST
सार
नैनीताल हाईकोर्ट ने 12वीं पास मेधावी बालिकाओं को नंदा गौरा योजना का वित्तीय लाभ न दिए जाने के मामले में सरकार से पूछा कि आखिर पात्र बालिकाओं को लाभ क्यों नहीं दिया गया।
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उत्तराखंड हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नैनीताल हाईकोर्ट ने राज्य की 12वीं पास मेधावी बालिकाओं को नंदा गौरा योजना का वित्तीय लाभ ना दिए जाने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद सरकार, महिला सशक्तिकरण व बाल विकास विभाग से पूछा कि आखिर अभी तक पात्र बालिकाओं को योजना का लाभ क्यों नहीं दिया गया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि सरकार के पास योजना संचालित करने का बजट नहीं है, तो ऐसी योजनाओं को बंद कर देना चाहिए। कोर्ट ने संबंधित विभागों को स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं।
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सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि यह मामला वर्तमान में वित्त विभाग के पास विचारधीन है और सरकार जल्द ही इसके लिए आवश्यक बजट जारी करने वाली है। इसका विरोध करते हुए याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि यदि समय पर बजट जारी नहीं किया गया तो गरीब परिवारों की बालिकाओं की आगे की उच्च शिक्षा प्रभावित होगी। उन्होंने अदालत से गुहार लगाई कि इस कल्याणकारी योजना का समान लाभ सभी पात्र छात्राओं को बिना किसी देरी के मिलना चाहिए, ताकि उनके शैक्षणिक भविष्य से खिलवाड़ ना हो।
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मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता एवं न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार चमोली निवासी ममता नेगी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि चमोली जिले में वर्ष 2022-23 में इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली 439 बालिकाओं ने योजना के नियमानुसार वर्ष 2023 में ही अपने विद्यालय के माध्यम से सभी जरूरी दस्तावेज जमा करा दिए थे। योजना के तहत इन बालिकाओं को आगे की पढ़ाई के लिए 51-51 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जानी थी। संबंधित विभाग ने सरकार से दो करोड़ 45 लाख रुपये के बजट की मांग की थी, लेकिन लंबा समय बीत जाने के बाद भी प्रशासन द्वारा बजट स्वीकृत नहीं किया गया, जिससे छात्राएं अपने अधिकार से वंचित हो रहे हैं।
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