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‘हम दोनों’ फिल्म के इस गीत से ही साधना को श्रद्धांजलि
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, नैनीताल।
Updated Sat, 26 Dec 2015 01:45 AM IST
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साठ के दशक की सुपरस्टार साधना 1967 में जब ‘अनीता’ फिल्म की शूटिंग के लिए मनोज कुमार के साथ यहां पहुंची थीं तो उन्हें और उनके मशहूर साधना कट बाल देखने के लिए पूरा नैनीताल उमड़ पड़ा था। अपने फिल्मी करियर के चरम के दौरान साधना पर मनोज कुमार के साथ यहां हनुमानगढ़ी में ‘तुम बिन जीवन कैसे बीता पूछो मेरे दिल से’ गीत फिल्माया गया था।
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फिल्म के सेकेंड हाफ में नायिका साधना एक संन्यासिन बनकर मंदिर में रहने लगी थीं और नायक नीरज (मनोज कुमार) ने उनकी तलाश में वहां पहुंचकर यह गीत गाया था। राजा मेंहदी अली खान द्वारा लिखित, लक्ष्मीकांत प्यारेलाल के संगीत से सजा मुकेश का गाया यह गीत शूटिंग के दौरान नैनीताल की वादियों में कई दिन तक गूंजता रहा था। इस फिल्म का निर्देशन राज खोसला ने किया था।
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यह सस्पेंस थ्रिलर फिल्म थी। राज खोसला व साधना के कॉम्बिनेशन वाली सस्पेंस थ्रिलर फिल्म 60 के दशक में बेहद सफल रही थी। इस जोड़ी ने इससे पूर्व 1964 में ‘वो कौन थी’ और 1966 में ‘मेरा साया’ में साथ काम किया था ये सभी सस्पेंस थ्रिलर फिल्में थीं। साधना ने ‘लव इन शिमला’ फिल्म में जौय मुखर्जी के साथ सबसे पहली फिल्म की थी।
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फिल्म के निर्देशक आरके नय्यर से बाद में उन्होंने विवाह कर लिया था। खास बात यह है कि साधना का मशहूर हेयर स्टाइल साधना कट नय्यर ने ही दिया था। साधना का माथा कुछ चौड़ा था उसे ढकने के लिए नय्यर ने हॉलीवुड की एक्ट्रेस औड्रे हेपबर्न के अंदाज में उनकी हेयर स्टाइलिंग की जो इतनी प्रसिद्ध हुई कि आज तक साधना कट नाम से प्रचलित है।
अनीता फिल्म की शूटिंग के लिए नैनीताल का चयन जाने माने फिल्म पत्रकार एवं माधुरी के पूर्व संपादक विनोद तिवारी की सलाह पर मनोज कुमार के कहने पर किया गया था। श्री तिवारी याद करते हैं कि फिल्म की यूनिट यहां मेट्रोपोल होटल में ठहरी थी जहां मनोज कुमार व साधना के फैन होटल को घेरे रहते थे।
वे बताते हैं कि मनोज कुमार हवाई जहाज के सफर से परहेज करते थे तथा सड़क मार्ग से ही यात्रा करते थे। फिल्म की शूटिंग के बाद जब इसकी रील के डब्बे लेकर उनके सहयोगी हवाई जहाज से लौटे तो दिल्ली एयरपोर्ट पर ये डब्बे किसी दूसरी ट्राली पर चले गए और घंटों की मशक्कत के बाद मिल पाए थे जिस बीच यूनिट के सदस्यों के पसीने छूट गए थे।
मनोज कुमार हालांकि बहुत बड़े स्टार थे, लेकिन उन दिनों साधना व साधना कट के फैन्स की तादाद ज्यादा थी। देवानंद के साथ साधना पर फिल्माया गया हम दोनों फिल्म का गीत अभी न जाओ छोड़कर कि दिल अभी भरा नहीं शायद साधना की फैन फालोइंग को देखकर ही लिखा गया होगा जो आज उन्हें श्रद्धांजलि के रूप में सर्वाधिक उपयुक्त है।