{"_id":"881840d91f9edadc2f1791ec195c330b","slug":"water-police-deployed-in-the-city-of-lakes-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"झीलों की नगरी में नहीं है जल पुलिस तैनात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झीलों की नगरी में नहीं है जल पुलिस तैनात
ब्यूरो/अमर उजाला,भीमताल
Updated Thu, 28 May 2015 01:39 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर और इसके आसपास का क्षेत्र भले ही झीलों की नगरी हो, इसके बावजूद यहां जल पुलिस की तैनाती नहीं है। ऐसे में जरूरत पड़ने पर हल्द्वानी अथवा नैनीताल से जल पुलिस के जवानों को बुलाया जाता है, लेकिन जब तक वह यहां पहुंचते हैं तब तक काफी देर हो चुकी होती है।
विज्ञापन
क्षेत्र में भीमताल और नौकुचियाताल में अलग-अलग झीलें होने के अलावा सातताल क्षेत्र में कई झीलें हैं। पर्यटक सीजन के दौरान झीलों वाले इन पिकनिक स्पाटों पर सुबह से लेकर शाम तक सैलानियों की खासी भीड़ रहती है। सैलानी न केवल नौकायन करते हैं, बल्कि कई बार मौका लगते ही झील में तैराकी के लिए भी उतर जाते हैं। इसके अलावा स्थानीय लोग विशेषकर स्कूली बच्चे भी कई बार स्कूल आते-जाते समय झीलों में तैराकी करने उतरते रहते हैं।
विज्ञापन
पिछले वर्षों के दौरान भीमताल, नौकुचियाताल और सातताल क्षेत्र में कई बार झीलों में नहाते वक्त हादसे भी हो चुके हैं, जिनमें कई लोगों की जान भी जा चुकी है। ऐेसे में पिछले कई साल से जल पुलिस की तैनाती की मांग की जाती रही है, लेकिन अब तक भीमताल, सातताल और नौकुचियाताल क्षेत्र में जल पुलिस की तैनाती नहीं है। थानाध्यक्ष नित्यानंद पंत ने बताया कि जब कभी जरूरत पड़ती है तो नैनीताल अथवा हल्द्वानी से जल पुलिस के जवानों को बुलाया जाता है।
विज्ञापन
गरमपानी (नैनीताल)। भवाली-अल्मोड़ा एनएच से सटकर गुजरने वाली कोसी और शिप्रा नदियां गर्मियों के सीजन में सैलानियों के आकर्षण का केंद्र बनी रहती हैं। ऐसे में कई बार सैलानी और स्थानीय लोग गर्मी से राहत पाने के लिए नदियों में नहाने उतर जाते हैं और कई बार नदियों के भंवर में फंसकर अपनी जान गंवा देते हैं। पिछले वर्षों के दौरान ऐसे कई हादसे यहां हो चुके हैं, बावजूद इसके इस क्षेत्र में जल पुलिस की कहीं भी कोई व्यवस्था नहीं है।
कोश्याकुटौली के एसडीएम चंद्र सिंह मर्तोलिया का कहना है कि सिंचाई और एनएच विभाग को निर्देश जारी किए जाएंगे कि वह कोसी और शिप्रा में दुर्घटना के लिहाज से खतरनाक स्थानों को चिन्हित करें और जल पुलिस की तैनाती के लिए भी अधिकारियों से विचार-विमर्श किया जाएगा।