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वन पंचायतों को आनलाइन किया जाएगा

Tue, 22 Sep 2015 01:43 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला, हल्द्वानी (नैनीताल)।
ब्यूरो /अमर उजाला, हल्द्वानी (नैनीताल)। Updated Tue, 22 Sep 2015 01:43 AM IST
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मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि वन पंचायत के अंतर्गत आने वाली जमीन का अभी तक सीमांकन नहीं हुआ है। इसका सीमांकन का कार्य राजस्व आदि विभागों के सहयोग से किया जाएगा। वन पंचायत के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था का पुनरोत्थान, रोजगार सृजन की अपार संभावना है, जिसे बढ़ाने की जरूरत है।

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 रावत ने यह बात रामपुर रोड के एक बैंक्वेट हाल में आयोजित कुमाऊं के वन पंचायत सम्मेलन में कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में करीब 12 हजार वन पंचायतें हैं, इनको सरकार स्वायतत्ता  और धन देने को तैयार है। पर यह याद रहे कि स्वायतत्ता स्व नियंत्रण के दायरे को बढ़ाती है। उन्होंने कहा कि वह विधानसभा अध्यक्ष से सहमत हैं कि ऐसे कार्यक्रम जिला स्तर पर होने चाहिए। जिसमें उच्चाधिकारी हरहाल में पहुंचे।
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विधानसभा अध्यक्ष गोविंद कुंजवाल ने कहा कि वन पंचायतों पर और अधिक ध्यान देने, समन्वय की जरूरत है। इससे जुड़े सरपंचों, सदस्यों का सुझाव लिया जाए और अमल किया जाए। वित्त मंत्री डा. इंदिरा हृदयेश ने कहा कि ग्रीन बोनस की मांग, राज्य की आर्थिक स्थिति में सुधार में वनों का महत्वपूर्ण योगदान है। पर वनों से उतना राजस्व नहीं मिल रहा है, जितनी अपेक्षा है।
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वन मंत्री दिनेश अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश में 5000 हेक्टेअर से अधिक भूमि वन पंचायताें की है। महिलाओं को नर्सरी स्थापना के लिए 50 हजार की धनराशि देने की योजना बनाई गयी है। मुख्यमंत्री वन संवर्धन एवं मुख्यमंत्री चारा विकास योजना के अंतर्गत वन पंचायतों के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा कार्य कराये जायेंगे।

 श्रम मंत्री हरीश चंद दुर्गापाल ने कहा कि वन पंचायतें चारा उत्पाद को बढ़ाने के लिए चारा प्रजाति के पौधों का रोपण करें, आज प्रदेश में लगभग चारे की आधी मांग की ही पूर्ति हो पाती है।

 इसलिए लोगों का पशुपालन की ओर रुझान भी कम होता जा रहा है। कार्यक्रम को संसदीय सचिव एवं विधायक सरिता आर्या, मनोज तिवारी, अध्यक्ष वन विकास निगम हरीश धामी, उपाध्यक्ष धरम सिंह मेहरा, अध्यक्ष आपदा प्रयाग दत्त भट्ट ने भी संबोधित किया। संचालन वन संरक्षक सुरेंद्र मेहरा ने किया। बाद में वन विभाग के सहयोग से तकनीकी सत्र का भी आयोजन हुआ।


 इससे पूर्व मुख्यमंत्री और मंच पर मौजूद लोगों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष सुमित्रा प्रसाद, उपाध्यक्ष तारा दत्त पांडे, खजान पांडे, इकबाल भारती, सुहेल सिद्दीकी, ब्लाक प्रमुख भोला दत्त भट्ट, सतीश नैनवाल, हेमंत बगडवाल, राहुल छिमवाल, राजेंद्र सुयाल, गिरधर बम, केदार पलड़िया, मयंक भट्ट, प्रमुख सचिव वन डा. रणवीर सिंह, डीआईजी पुष्कर सिंह सैलाल, पीसीसीएफ राजेंद्र महाजन, डा. श्रीकांत चंदोला, एआर सिन्हा समेत वन, पुलिस, प्रशासन के आलाधिकारी मौजूद थे।

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