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Nainital News: नेशनल यूथ मुए थाई चैंपियनशिप में उत्तराखंड का शानदार प्रदर्शन
Thu, 04 Jun 2026 12:32 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Thu, 04 Jun 2026 12:32 AM IST
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हल्द्वानी। सातवीं राष्ट्रीय यूथ मुए थाई चैंपियनशिप में बुधवार को उत्तराखंड ने तीन स्वर्ण और तीन रजत सहित 10 पदक अपने नाम किए। राज्य के 16 अन्य खिलाड़ियों ने सेमीफाइनल में अपनी जगह बनाई है। गौलापार स्टेडियम में मुए थाई एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड की ओर से आयोजित प्रतियोगिता के तीसरे दिन मेघालय दो स्वर्ण सहित छह पदक हासिल कर दूसरे स्थान पर रहा।
मुए थाई एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष सतीश जोशी ने बताया कि राष्ट्रीय चैंपियनशिप बुधवार को अल्मोड़ा की गर्विता बिष्ट ने केरल की खिलाड़ी नवरुद्र को बड़े अंतर से हराकर पहला स्वर्ण पदक जीता। कृष्णा कुमार श्रीवास्तव और मनस्वी ने भी अपने-अपने भार वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किए। माही बिष्ट, अश्मिका कुकरेती और प्रतिष्ठा रावत ने रजत पदक जीते। उन्नति रावत, रजनी नेगी, स्वराज गैरोला और निकिता ने कांस्य पदक प्राप्त किए।
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलसचिव खेमराज भट्ट ने खिलाड़ियों को पदक पहनाकर सम्मानित किया। वहां राष्ट्रीय महासंघ के अध्यक्ष मनोज वर्मा, महासचिव श्रीराम चौधरी, आयोजन सचिव नीलेश जोशी, अंजुलस सुन, अनुपम मेहता, सुप्रियो विश्वास, अमित सिंह आदि मौजूद रहे।
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अल्मोड़ा की बेटियों की सोना-चांदी
हल्द्वानी। सातवीं राष्ट्रीय यूथ मुए थाई चैंपियनशिप में अल्मोड़ा की दो बहनों ने शानदार प्रदर्शन किया है। छह वर्ष की गर्विता दृष्टि बिष्ट कक्षा एक की छात्रा हैं। उन्होंने अपने नेशनल मुकाबले में केरल की खिलाड़ी को हराकर स्वर्ण पदक जीता। वह इससे पहले भी राज्य स्तर पर रजत पदक जीत चुकी हैं। नौ वर्ष की साक्षी बिष्ट ने रजत पदक जीता। कक्षा पांच की छात्रा साक्षी राज्य स्तर पर रजत पदक जीत चुकी हैं। दोनों के पिता राजेंद्र बिष्ट वन विभाग में कार्यरत हैं। माता रूपा बिष्ट ने बेटियों को खेलों के प्रति प्रेरित किया और निरंतर मेहनत व अनुशासन के साथ आगे बढ़ने का हौसला दिया। वहीं अल्मोड़ा की कक्षा पांच की छात्रा माही बिष्ट ने राष्ट्रीय यूथ मुए थाई चैंपियनशिप में रजत पदक जीता है। पिता किशन सिंह बिष्ट निजी नौकरी करते हैं, जबकि माता ममता बिष्ट गृहिणी हैं।
जम्मू-कश्मीर के पैरा एथलीट का स्वर्णिम प्रदर्शन
जम्मू-कश्मीर के पैरा एथलीट आर्यन माथुर ने 60 फीसदी शारीरिक अक्षमता के बावजूद स्वर्ण पदक जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की। उनके पिता सब्जी बाजार में व्यवसाय करते हैं जबकि उनकी माता गृहिणी हैं। उनकी एक छोटी बहन भी है।
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मुए थाई एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष सतीश जोशी ने बताया कि राष्ट्रीय चैंपियनशिप बुधवार को अल्मोड़ा की गर्विता बिष्ट ने केरल की खिलाड़ी नवरुद्र को बड़े अंतर से हराकर पहला स्वर्ण पदक जीता। कृष्णा कुमार श्रीवास्तव और मनस्वी ने भी अपने-अपने भार वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल किए। माही बिष्ट, अश्मिका कुकरेती और प्रतिष्ठा रावत ने रजत पदक जीते। उन्नति रावत, रजनी नेगी, स्वराज गैरोला और निकिता ने कांस्य पदक प्राप्त किए।
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उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलसचिव खेमराज भट्ट ने खिलाड़ियों को पदक पहनाकर सम्मानित किया। वहां राष्ट्रीय महासंघ के अध्यक्ष मनोज वर्मा, महासचिव श्रीराम चौधरी, आयोजन सचिव नीलेश जोशी, अंजुलस सुन, अनुपम मेहता, सुप्रियो विश्वास, अमित सिंह आदि मौजूद रहे।
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अल्मोड़ा की बेटियों की सोना-चांदी
हल्द्वानी। सातवीं राष्ट्रीय यूथ मुए थाई चैंपियनशिप में अल्मोड़ा की दो बहनों ने शानदार प्रदर्शन किया है। छह वर्ष की गर्विता दृष्टि बिष्ट कक्षा एक की छात्रा हैं। उन्होंने अपने नेशनल मुकाबले में केरल की खिलाड़ी को हराकर स्वर्ण पदक जीता। वह इससे पहले भी राज्य स्तर पर रजत पदक जीत चुकी हैं। नौ वर्ष की साक्षी बिष्ट ने रजत पदक जीता। कक्षा पांच की छात्रा साक्षी राज्य स्तर पर रजत पदक जीत चुकी हैं। दोनों के पिता राजेंद्र बिष्ट वन विभाग में कार्यरत हैं। माता रूपा बिष्ट ने बेटियों को खेलों के प्रति प्रेरित किया और निरंतर मेहनत व अनुशासन के साथ आगे बढ़ने का हौसला दिया। वहीं अल्मोड़ा की कक्षा पांच की छात्रा माही बिष्ट ने राष्ट्रीय यूथ मुए थाई चैंपियनशिप में रजत पदक जीता है। पिता किशन सिंह बिष्ट निजी नौकरी करते हैं, जबकि माता ममता बिष्ट गृहिणी हैं।
जम्मू-कश्मीर के पैरा एथलीट का स्वर्णिम प्रदर्शन
जम्मू-कश्मीर के पैरा एथलीट आर्यन माथुर ने 60 फीसदी शारीरिक अक्षमता के बावजूद स्वर्ण पदक जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की। उनके पिता सब्जी बाजार में व्यवसाय करते हैं जबकि उनकी माता गृहिणी हैं। उनकी एक छोटी बहन भी है।