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Mukesh Bora: पांच राज्यों में पुलिस को छकाने के बाद हत्थे चढ़ा, गिरफ्तारी से बचने के लिए इन जगहों पर छिपता रहा
Thu, 26 Sep 2024 01:02 PM IST
हीरा मेहरा
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
Published by: हीरा मेहरा
Updated Thu, 26 Sep 2024 01:02 PM IST
सार
दुष्कर्म का आरोपी मुकेश बोरा 23 दिन तक पुलिस को छकाता रहा। मोबाइल नंबर बदलकर उसने पांच राज्यों में पनाह ली। आखिरकार सर्विलांस की मदद से पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर हथकड़ी पहना ही दी।
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दुग्ध संघ अध्यक्ष मुकेश बोरा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दुष्कर्म का आरोपी मुकेश बोरा 23 दिन तक पुलिस को छकाता रहा। मोबाइल नंबर बदलकर उसने पांच राज्यों में पनाह ली। आखिरकार सर्विलांस की मदद से पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर हथकड़ी पहना ही दी। पुलिस अधिकतर अपराध अब मोबाइल के जरिए ही सुलझाती है। मोबाइल सर्विलांस पर लगाने से केस में किस दिशा में आगे बढ़ना है, इसकी जानकारी हो जाती है। मुकदमा दर्ज होने के बाद मुकेश बोरा गिरफ्तारी से बचने के लिए तमाम प्रयास कर रहा था। इस बीच वह दिल्ली, फरीदाबाद, राजस्थान, मध्यप्रदेश और यूपी में छिपता रहा। पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए कई जगह दबिश दी लेकिन शातिर बोरा हर बार बच निकला। वह जब पकड़ में नहीं आया तो पुलिस ने अपने जाल में फंसाने के लिए उसके करीबियों के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगा दिए।
वह हर बार करीबियों से बात करने के लिए नए नंबर का प्रयोग करता और फिर सिम तोड़ देता था। पुलिस हर बार उसकी लोकेशन पर पहुंचती लेकिन इससे पहले ही वह अपना ठिकाना बदल लेता। इसके बाद पुलिस ने अपनी टीमें अलग-अलग राज्यों में भेज दीं।
ये पढ़ें- Haldwani: कार चालक को फोन कर रहे थे परिवहन कर अधिकारी-प्रॉपर्टी डीलर, बोरा को टैक्सी से छुड़वाया था भोजीपुरा
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मोबाइल सर्विलांस के आधार पर आखिर में उसकी लोकेशन यूपी के रामपुर में मिली तो पुलिस ने एक को वहां सक्रिय कर दिया। आरोपी जैसे ही चक्कू चौक पर पहुंचा पुलिस व एसओजी ने उसे गिरफ्तार कर लिया। बोरा की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस उसकी मदद करने वाले अन्य लोगों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है।
दो बार यूपी और अन्य जिलों में भागा था मुकेश बोरा : मुकदमा दर्ज को होने के दूसरे दिन मुकेश बोरा यूपी भाग गया। पहले वह मध्यप्रदेश, राजस्थान, फरीदाबाद, नोएडा गया। 13 सितंबर को उसे हाईकोर्ट से गिरफ्तारी में सशर्त राहत मिल गई। शर्तों के अनुसार बोरा को अल्मोड़ा थाने में रोज आमद करानी थी। वह थाने में आमद करा रहा था। 17 सितंबर तक उसे राहत थी। 17 सितंबर को वह अल्मोड़ा थाने नहीं पहुंचा। 18 सितंबर को वह भीमताल से भोजीपुरा भाग गया। इसके बाद वह बरेली, वहां से लखनऊ, दिल्ली, फरीदाबाद, मध्यप्रदेश गया। यहां से राजस्थान आया और वहां से 25 सितंबर को रामपुर आया।
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वह हर बार करीबियों से बात करने के लिए नए नंबर का प्रयोग करता और फिर सिम तोड़ देता था। पुलिस हर बार उसकी लोकेशन पर पहुंचती लेकिन इससे पहले ही वह अपना ठिकाना बदल लेता। इसके बाद पुलिस ने अपनी टीमें अलग-अलग राज्यों में भेज दीं।
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मोबाइल सर्विलांस के आधार पर आखिर में उसकी लोकेशन यूपी के रामपुर में मिली तो पुलिस ने एक को वहां सक्रिय कर दिया। आरोपी जैसे ही चक्कू चौक पर पहुंचा पुलिस व एसओजी ने उसे गिरफ्तार कर लिया। बोरा की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस उसकी मदद करने वाले अन्य लोगों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है।
दो बार यूपी और अन्य जिलों में भागा था मुकेश बोरा : मुकदमा दर्ज को होने के दूसरे दिन मुकेश बोरा यूपी भाग गया। पहले वह मध्यप्रदेश, राजस्थान, फरीदाबाद, नोएडा गया। 13 सितंबर को उसे हाईकोर्ट से गिरफ्तारी में सशर्त राहत मिल गई। शर्तों के अनुसार बोरा को अल्मोड़ा थाने में रोज आमद करानी थी। वह थाने में आमद करा रहा था। 17 सितंबर तक उसे राहत थी। 17 सितंबर को वह अल्मोड़ा थाने नहीं पहुंचा। 18 सितंबर को वह भीमताल से भोजीपुरा भाग गया। इसके बाद वह बरेली, वहां से लखनऊ, दिल्ली, फरीदाबाद, मध्यप्रदेश गया। यहां से राजस्थान आया और वहां से 25 सितंबर को रामपुर आया।