Haldwani: कार चालक को फोन कर रहे थे परिवहन कर अधिकारी-प्रॉपर्टी डीलर, बोरा को टैक्सी से छुड़वाया था भोजीपुरा
प्रॉपर्टी डीलर और निवर्तमान चेयरमैन ने मुकेश बोरा को भागने के लिए टैक्सी उपलब्ध कराई थी। टैक्सी चालक ने मुकेश बोरा को भोजीपुरा में उतारा था। मुकेश बोरा अल्मोड़ा से भागकर धारी की ब्लॉक प्रमुख के घर आया था। यहीं से वह कार में बैठा।
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प्रॉपर्टी डीलर और निवर्तमान चेयरमैन ने मुकेश बोरा को भागने के लिए टैक्सी उपलब्ध कराई थी। टैक्सी चालक ने मुकेश बोरा को भोजीपुरा में उतारा था। मुकेश बोरा अल्मोड़ा से भागकर धारी की ब्लॉक प्रमुख के घर आया था। यहीं से वह कार में बैठा। कार में बैठाने के दौरान परिवहन कर अधिकारी और उसकी पत्नी ब्लॉक प्रमुख वहीं थी। बोरा ने दोनों से बात भी की थी।
बताया कि परिवहन कर अधिकारी और प्रॉपर्टी डीलर चालक के नंबर में बार-बार कॉल करते और चालक से मुकेश बोरा से बात कराने के लिए कहते थे। इसके बाद वह उसे पुलिस की सूचना आदि के बारे में जानकारी देते थे। कहा कि पुलिस ने टैक्सी को ट्रेस कर लिया था। इसके बाद चालक को फोन कर उसे डराया गया और निकट पुलिस चौकी या थाने में जाने के लिए कहा गया। चालक भोजीपुरा में मुकेश बोरा को उतार चुका था। इसके बाद वह सीधे पुलभट्टा थाना पहुंचा और पूरी घटना बताई। इसके बाद पुलिस ने मुकेश बोरा को ट्रेस करना शुरू किया।
सार्वजनिक यातायात का प्रयोग करता था बोरा
पुलिस ने बताया कि मुकेश बोरा बहुत शातिर है। वह भागने के लिए सार्वजनिक परिवहन का प्रयोग करता था। जांच में सामने आया है कि वह टैक्सी, ई-रिक्शा, रोडवेज या प्राइवेट बसों का प्रयोग भागने के लिए करता था। जब वह भोजीपुरा में उतरा तो उसने बस पकड़ने के लिए तीन ई-रिक्शा को बदला, जबकि वह एक ई-रिक्शा से बस स्टैंड तक जा सकता था। उसने पहले लखनऊ की बस पकड़ी। इसके बाद लखनऊ से दिल्ली गया और यहां से मध्यप्रदेश भाग गया। वहां से राजस्थान और फिर रामपुर आ रहा था। रामपुर आने के लिए भी उसने रोडवेज बस का प्रयोग किया।
मुकेश बोरा ने दुग्ध संघ में अपने गांव के कई लोग लगाए हैं। वह मुकेश बोरा के लिए बहुत वफदार हैं। पुलिस के अनुसार उन्होंने एक दुग्ध संघ कर्मचारी के माध्यम से ही मुकेश बोरा को छह से अधिक सिम और मोबाइल फोन उपलब्ध कराए। यहां तक कि हल्द्वानी की एक लड़की का सिम भी उसके पास से मिला है। बताया जा रहा है कि स्टे ऑर्डर खारिज होने से पहले ही उसने सिम और मोबाइल फोन लोगों से मांग लिए थे।
मोबाइल लेता और उनका प्रयोग कर फेंक देता
पुलिस ने बताया कि मुकेश बोरा एक मोबाइल का एक या दो बार ही प्रयोग करता था। वह मोबाइल का प्रयोग करने के बाद उसे फेंक देता था। साथ ही सिम को भी तोड़ देता था। उसे जब किसी से बात करनी होती थी तो वह अपने गांव के किसी खास व्यक्ति को फोन करता। इसके बाद ग्रामीण को उस व्यक्ति के पास भेजता था। जब वह वहां पहुंच जाता तो उसके नंबर पर कॉल करके संबंधित से बात करता था।
- एक सितंबर को मुकेश बोरा के खिलाफ दुष्कर्म सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज
- दो सितंबर को पीड़ित के 164 के बयान दर्ज- तीन सितंबर को गिरफ्तारी न होने पर पीड़िता ने आत्मदाह की चेतावनी
- चार सितंबर को मुकेश बोरा ने एडीजी न्यायालय में जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिया- चार सितंबर लालकुंआ थाने में मुकेश बोरा के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज
- छह सितंबर को जिला सत्र न्यायधीश ने की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की- नौ सितंबर को गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें गठित
- गिरफ्तारी के लिए न्यायालय से गैर जमानतीय वारंट जारी- 11 सिंबर को मुकेश बोरा के आवास पर कुर्की का नोटिस चस्पा
- 17 सिंतबर को मुकेश बोरा मामले में हाईकोर्ट में हुई सुनवाई- 18 सितंबर को हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी से रोक संबंधी की याचिका खारिज की
- 19 सितंबर को भीमताल में देखा गया मुकेश बोरा, नेपाल भागने की फिराक में था- 19 सितंबर को मुकेश बोरा के दो अन्य घरों पर कुर्की का नोटिस चस्पा
- 21 सितंबर को मुकेश बोरा की अग्रिम जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज की- 25 सितंबर को मुकेश बोरा को पुलिस ने रामपुर से गिरफ्तार किया