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Uttarakhand: निकाय चुनाव के बीच हाईकोर्ट ने आरक्षण पर 48 घंटे में मांगा जवाब, अगली सुनवाई 6 जनवरी को
Sat, 04 Jan 2025 02:28 PM IST
हीरा मेहरा
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
Published by: हीरा मेहरा
Updated Sat, 04 Jan 2025 02:28 PM IST
सार
नैनीताल हाईकोर्ट ने शक्तिगढ़ नगर पंचायत अध्यक्ष पद को एससी के लिए कभी आरक्षित नहीं किए जाने के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई की। हाईकोर्ट ने सरकार को 48 घंटे में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
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उत्तराखंड हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नैनीताल हाईकोर्ट ने शक्तिगढ़ नगर पंचायत अध्यक्ष पद को एससी के लिए कभी आरक्षित नहीं किए जाने के मामले में दायर याचिका पर सुनवाई के बाद सरकार को 48 घंटे में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 6 जनवरी की तिथि तय की है।
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शक्तिफार्म जिला ऊधमसिंह नगर निवासी आकाश पासवान व कई अन्य ने हाईकोर्ट में अलग-अलग याचिकाएं दायर की थी। इसमें याचिकाकर्ता का कहना था कि वह अनुसूचित जाति का है। विभिन्न जिलों में नगर पंचायतों के लिए सरकार की ओर से 23 दिसंबर 2024 को नोटिफिकेशन जारी किया गया है उसे निरस्त किया जाए।
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याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को अवगत कराया गया कि 1998 में नगर पंचायत शक्तिगढ़ जिला ऊधमसिंह नगर के चुनाव में चेयरमैन का पद अनारक्षित श्रेणी में था। 2003 में अनारक्षित, 2008 में बैकवर्ड के लिए रिजर्व रहा। 2013, 2018 और 2020 में इसे अनारक्षित रखा। याचिका में कहा कि सरकार ने 14 दिसंबर को अध्यक्ष पद के लिए अनंतिम सूची जारी की।
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आपत्तियां दाखिल करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया। याचिकाकर्ता ने डीएम के समक्ष 20 दिसंबर को आपत्ति दाखिल करते हुए कहा कि वार्ड सात कभी भी अनुसूचित जाति के लिए सीट रिजर्व नहीं की गई इसलिए अध्यक्ष पद की सीट एससी कोटे में होनी चाहिए लेकिन सरकार ने सुनवाई नहीं की। 23 दिसंबर को फाइनल नोटिफिकेशन जारी कर उस सीट को अनारक्षित घोषित कर चुनाव प्रोग्राम भी जारी कर दिया जो गलत है।