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उत्तराखंड: हाईकोर्ट ने कहा- स्वास्थ्य सुविधाओं पर चार माह में निर्णय ले सरकार

Fri, 30 Oct 2026 12:28 PM IST
Heera अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल Published by: Heera Updated Fri, 30 Oct 2026 12:28 PM IST
सार

नैनीताल हाईकोर्ट ने सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों और मूलभूत सुविधाओं की कमी से जुड़ी जनहित याचिका निस्तारित करते हुए स्वास्थ्य सचिव को चार माह के भीतर उचित निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं।

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Uttarakhand High Court said Government should take decision on health facilities within four months
उत्तराखंड हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नैनीताल हाईकोर्ट ने प्रदेश के सरकारी अस्पतालो में स्पेशलिस्ट डाक्टरो और अस्पतालों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नही होने को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद याचिका को निस्तारित करते हुए स्वास्थ्य सचिव को याचिकाकर्ता के लंबित प्रत्यावेदन पर चार माह के भीतर स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को दूर करने के लिए उचित निर्णय लेने के निर्देश दिए है।

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कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी एवं न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार हरिद्वार के नेशनल पब्लिक सर्विस ट्रस्ट ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में स्पेशलिस्ट डाक्टरो की बहुत कमी है, अस्पतालों में मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नही है। याचिका में कहा कि कई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रो में डाक्टरो के पद स्वीकृत होने के भाद भी वहां डाक्टर नही है। याचिकाकर्ता की ओर से वर्ष 2025-26 का आंकड़ा पेश कर कहा गया कि इन अस्पतालों के द्वारा छोटी सी बीमारी से लेकर बड़ी बीमारी के करीब 52 हजार मरीजों को हायर सेंटर भेजा गया जो अपने आप में स्वास्थ्य सुविधाओं के आभाव को दरसाने का एक बड़ा उदाहरण है।
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याचिका में कहा कि डीडीहाट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लाइट की उचित व्यवस्था ना होने के कारण मरीजों को टोर्च की रोशनी में देखा जा रहा। राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि अस्पतालों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं और डॉक्टरों के रिक्त पड़े पदों को सरकार द्वारा वॉक एंड इंटरव्यू के माध्यम से भरा जा रहा है। मार्च तक अस्पतालों में डॉक्टरो की कमी को पूरा कर लिया जायेगा। जिस पर कोर्ट ने स्वास्थ्य सचिव से कहा हैं कि याचिकाकर्ता के प्रत्यावेदन को चार माह के भीतर निस्तारित करते हुए अस्पतालों में हो रही कमियाें को पूरा करने के लिए उचित निर्णय लें।

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