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Uttarakhand: हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति की केंद्रीय समिति के चुनाव पर लगी रोक
Fri, 19 Jan 2024 11:55 AM IST
हीरा मेहरा
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
Published by: हीरा मेहरा
Updated Fri, 19 Jan 2024 11:55 AM IST
सार
हाईकोर्ट ने नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति लालकुआं की केंद्रीय समिति के चुनाव पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति आलोक वर्मा की एकलपीठ ने विपक्षियों को दो हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश भी दिए हैं।
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उत्तराखंड हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति लालकुआं की केंद्रीय समिति के चुनाव पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति आलोक वर्मा की एकलपीठ ने विपक्षियों को दो हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश भी दिए हैं।
बिंदुखत्ता निवासी भरत नेगी ने दुग्ध संघ की केंद्रीय प्रबंधन समिति के चुनाव को चुनौती दी थी। उनका कहना था कि नैनीताल दुग्ध उत्पादक समिति के अंतर्गत 385 समितियां हैं। इन समितियों के प्रतिनिधि ही नियमानुसार केंद्रीय समिति के चुनाव में हिस्सा लेते हैं, मगर वर्तमान में इन समितियों के चेयरमैन को इस चुनाव में हिस्सा लेने के लिये अर्ह बताया गया है जो कि उत्तराखंड सहकारी समिति के नियम 2003 के खिलाफ है।
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बिंदुखत्ता निवासी भरत नेगी ने दुग्ध संघ की केंद्रीय प्रबंधन समिति के चुनाव को चुनौती दी थी। उनका कहना था कि नैनीताल दुग्ध उत्पादक समिति के अंतर्गत 385 समितियां हैं। इन समितियों के प्रतिनिधि ही नियमानुसार केंद्रीय समिति के चुनाव में हिस्सा लेते हैं, मगर वर्तमान में इन समितियों के चेयरमैन को इस चुनाव में हिस्सा लेने के लिये अर्ह बताया गया है जो कि उत्तराखंड सहकारी समिति के नियम 2003 के खिलाफ है।
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इस संबंध में संघ और चुनाव कमेटी की ओर से बताया गया कि इस नियम में 2021 में संशोधन किया गया है। याचिकाकर्ता के अनुसार इस संशोधन में दुग्ध समितियों के प्रतिनिधियों को ही चुनाव में भाग लेने का नियम संशोधित नहीं किया गया है।