हल्द्वानी: बिजली चोरी से यूपीसीएल को बड़ा नुकसान, 11 डिविजनों में 8 करोड़ यूनिट बिजली लॉस
कुमाऊं के 11 डिविजनों में बिजली चोरी और लाइन लॉस से एक साल में करीब आठ करोड़ यूनिट बिजली का नुकसान हुआ। हल्द्वानी टाउन में लाइन लॉस सबसे अधिक 17 फीसदी रहा।
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कुमाऊं में बिजली चोरी और लाइन लॉस ने यूपीसीएल को बड़ा झटका दिया है। ऊर्जा निगम के आंकड़ों के अनुसार 11 डिविजनों में एक साल के दौरान करीब 78 से 80 मिलियन यूनिट (एमयू), यानी आठ करोड़ यूनिट बिजली का नुकसान हुआ। हल्द्वानी टाउन और रामनगर डिविजन में स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है, जहां लाइन लॉस क्रमश: 17 और 15 फीसदी तक पहुंच गया है।
अधिकारियों के अनुसार अधिकतम 17 फीसदी लाइन लॉस में करीब सात फीसदी तकनीकी फॉल्ट शामिल हैं जबकि शेष नुकसान को बिजली चोरी से जोड़ा जा रहा है। घनी आबादी, पुराने नेटवर्क, ओवरलोडेड ट्रांसफार्मर और लंबी एलटी लाइनों के साथ बिजली के अनधिकृत इस्तेमाल को इसका प्रमुख कारण माना जा रहा है। लाइन लॉस का यह आंकड़ा बिजली वितरण व्यवस्था पर सीधा असर डाल रहा है। कुमाऊं जोन में बागेश्वर से जसपुर तक 11 डिविजन हैं। इन डिविजनों से जुड़े करीब 7.50 लाख उपभोक्ता की रोजाना करीब 8 से 10 एमयू बिजली की खपत है।
ऐसे हो रहा नुकसान-
यूपीसीएल के अधिकारियों के अनुसार अधिकतम 17 फीसदी तक हो रहे लाइन लाॅस में सात फीसदी लाइनों में फॉल्ट शामिल है। घनी आबादी वाले इलाकों में बड़ी संख्या में घरेलू और व्यावसायिक कनेक्शन होने के साथ पुराने नेटवर्क, ओवरलोडेड ट्रांसफार्मर, लंबी एलटी लाइनें और बिजली के अनधिकृत इस्तेमाल प्रमुख कारण हैं। शेष लास बिजली चोरी मानी जाती है। ऊर्जा निगम ने अब फीडरवार लाइस लास का विवरण जुटाना शुरू कर दिया है। अभी तक बिजलीघर का ही यह डाटा लिया जाता था।
डिविजन रोजाना खपत लाइन लॉस
हल्द्वानी टाउन 1.00 एमयू 17%
रामनगर 0.90 एमयू 15%
हल्द्वानी ग्रामीण 1.00 एमयू 10%
नैनीताल 0.40 एमयू 9%
अल्मोड़ा 0.30 एमयू 8%
रानीखेत 0.22 एमयू 8%
भिकियासैंण 0.12 एमयू 7%
बागेश्वर 0.25 एमयू 10%
बाजपुर 1.20 एमयू 12%
काशीपुर 2.80 एमयू 11%
जसपुर 2.00 एमयू 13%
नोट एक दिन का आंकड़ा।
विद्युत लाइन लाॅस को कम करने के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बिजली चोरी वाले इलाकों में स्मार्ट मीटर जल्द लगाए जाएंगे।-शेखर त्रिपाठी, मुख्य अभियंता यूपीसीएल कुमाऊं