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कोसी नदी में बहने से दो महिलाओं की मौत
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गरमपानी (नैनीताल)। भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे जौरासी के पास कोसी नदी पार कर रही तीन महिलाएं पानी का बहाव बढ़ने के कारण बह गईं। दो महिलाओं के शवों को निकाल लिया गया जबकि तीसरी का पता नहीं चल सका है। तीनों रविवार सुबह नौ बजे जंगल से घास लेकर लौट रही थीं।
चमड़िया गांव निवासी कमला देवी (30) पत्नी राजेंद्र सिंह, लता देवी (26) पत्नी हरेंद्र सिंह बिष्ट और ललिता देवी (30) पत्नी दलीप सिंह घास काटने पास के जंगल में गई थीं। सुबह नौ बजे लौटते समय तीनों एक दूसरे का हाथ पकड़कर कोसी नदी पार करने का प्रयास कर रही थीं। अचानक नदी में पानी बढ़ गया और तीनों बहने लगीं। स्थानीय दुकानदार आनंद सिंह आवाज लगाकर तीनों से नदी के किनारे आने को कहा मगर पानी का बहाव तेज होने के कारण तीनों बह गईं। आनंद सिंह ने इसकी सूचना पुलिस को दी। खैरना पुलिस, एसडीआरएफ, भवाली कोतवाली और कोश्याकुटौली की एसडीएम ऋचा सिंह राजस्व कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचीं। एसडीआरएफ के तीन घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद कमला देवी और लता देवी का शव निकाल लिया गया जबकि ललिता देवी का पता नहीं चल सका।
एक किमी और 400 मीटर दूर से निकाले गए शव
गरमपानी। एसडीआरएफ की टीम के हेड कांस्टेबल लाल सिंह को कमला देवी का शव घटनास्थल से 400 मीटर दूर कोसी नदी में पत्थरों में फंसा मिला। लता देवी का शव एक किमी दूर से निकाला गया। ललिता की तलाश में एसडीआरएफ और ग्रामीण लगे हुए हैं।
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चमड़िया गांव मौत से मातम
चमड़िया गांव की कमला देवी, लता देवी की मौत और ललिता देवी का पता नहीं चलने से कोहराम मच गया। तीनों महिलाओं के घर लोगों की भीड़ जुट गई।
एसडीआरएफ की टीम जुटी रही रेस्क्यू ऑपरेशन में
रविवार की सुबह 10 बजे से एसडीआरएफ के एसआई राम सिंह बोरा, लाल सिंह, दीप चंद्र सती, बालम सिंह, कैलाश परगांई, गणेश मेहरा ने नदी में उतरकर दो महिलाओं के शवों को नदी से निकाला। कोश्याकुटौली की एसडीएम ऋचा सिंह, नायब तहसीलदार शुभांगनी, रजिस्टार कानूनगो भुवन चंद्र भंडारी, पवन ध्यानी, चौकी प्रभारी आशा बिष्ट, क्वारब चौकी प्रभारी दलीप बिष्ट आदि रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे रहे।
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चमड़िया गांव निवासी कमला देवी (30) पत्नी राजेंद्र सिंह, लता देवी (26) पत्नी हरेंद्र सिंह बिष्ट और ललिता देवी (30) पत्नी दलीप सिंह घास काटने पास के जंगल में गई थीं। सुबह नौ बजे लौटते समय तीनों एक दूसरे का हाथ पकड़कर कोसी नदी पार करने का प्रयास कर रही थीं। अचानक नदी में पानी बढ़ गया और तीनों बहने लगीं। स्थानीय दुकानदार आनंद सिंह आवाज लगाकर तीनों से नदी के किनारे आने को कहा मगर पानी का बहाव तेज होने के कारण तीनों बह गईं। आनंद सिंह ने इसकी सूचना पुलिस को दी। खैरना पुलिस, एसडीआरएफ, भवाली कोतवाली और कोश्याकुटौली की एसडीएम ऋचा सिंह राजस्व कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचीं। एसडीआरएफ के तीन घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद कमला देवी और लता देवी का शव निकाल लिया गया जबकि ललिता देवी का पता नहीं चल सका।
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एक किमी और 400 मीटर दूर से निकाले गए शव
गरमपानी। एसडीआरएफ की टीम के हेड कांस्टेबल लाल सिंह को कमला देवी का शव घटनास्थल से 400 मीटर दूर कोसी नदी में पत्थरों में फंसा मिला। लता देवी का शव एक किमी दूर से निकाला गया। ललिता की तलाश में एसडीआरएफ और ग्रामीण लगे हुए हैं।
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चमड़िया गांव मौत से मातम
चमड़िया गांव की कमला देवी, लता देवी की मौत और ललिता देवी का पता नहीं चलने से कोहराम मच गया। तीनों महिलाओं के घर लोगों की भीड़ जुट गई।
एसडीआरएफ की टीम जुटी रही रेस्क्यू ऑपरेशन में
रविवार की सुबह 10 बजे से एसडीआरएफ के एसआई राम सिंह बोरा, लाल सिंह, दीप चंद्र सती, बालम सिंह, कैलाश परगांई, गणेश मेहरा ने नदी में उतरकर दो महिलाओं के शवों को नदी से निकाला। कोश्याकुटौली की एसडीएम ऋचा सिंह, नायब तहसीलदार शुभांगनी, रजिस्टार कानूनगो भुवन चंद्र भंडारी, पवन ध्यानी, चौकी प्रभारी आशा बिष्ट, क्वारब चौकी प्रभारी दलीप बिष्ट आदि रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे रहे।