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हत्या की कोशिश के मामले में दो आरोपी बरी
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प्रतीकात्मक फोटो।
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हल्द्वानी। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश मो. सुलतान की अदालत ने हत्या की कोशिश और सरकारी काम में बाधा डालने के दो आरोपियों को बरी कर दिया है।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता बसंत जोशी ने बताया कि चोरगलिया पुलिस ने 2018 में तल्ला पनौनिया चोरगलिया निवासी कैलाश पालीवाल के खिलाफ धारा 279, 307, 332, 353, 504, 506 और नया गांव कटान चोरगलिया निवासी विनोद कुमार चौसाली के खिलाफ 332, 353, 504, 506 का मुकदमा दर्ज किया था। आरोप था कि चोरगलिया थाने के उपनिरीक्षक भुवन सिंह राणा पांच नवंबर 2018 को पुलिस टीम के साथ बाजार गए थे। वहां दोनों आरोपियों का पार्किंग को लेकर पुलिस से विवाद हुआ।
पुलिस पक्ष का कहना था कि आरोपियों ने सरकारी काम में बाधा डाली और पुलिस टीम पर हमला भी किया। इस मामले में मुकदमा दर्ज कर कैलाश पालीवाल को गिरफ्तार कर लिया गया। अदालत से उन्हें जमानत मिल गई थी। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने इस मामले में धारा 156 (3) के तहत अदालत में प्रार्थनापत्र दिया था। अदालत में उपनिरीक्षक भुवन सिंह राणा संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। साक्ष्यों में विरोधाभास पाया गया। एक सिपाही को सिर्फ खरोंच आई थी। अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद दोनों आरोपियों को बरी कर दिया।
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बचाव पक्ष के अधिवक्ता बसंत जोशी ने बताया कि चोरगलिया पुलिस ने 2018 में तल्ला पनौनिया चोरगलिया निवासी कैलाश पालीवाल के खिलाफ धारा 279, 307, 332, 353, 504, 506 और नया गांव कटान चोरगलिया निवासी विनोद कुमार चौसाली के खिलाफ 332, 353, 504, 506 का मुकदमा दर्ज किया था। आरोप था कि चोरगलिया थाने के उपनिरीक्षक भुवन सिंह राणा पांच नवंबर 2018 को पुलिस टीम के साथ बाजार गए थे। वहां दोनों आरोपियों का पार्किंग को लेकर पुलिस से विवाद हुआ।
पुलिस पक्ष का कहना था कि आरोपियों ने सरकारी काम में बाधा डाली और पुलिस टीम पर हमला भी किया। इस मामले में मुकदमा दर्ज कर कैलाश पालीवाल को गिरफ्तार कर लिया गया। अदालत से उन्हें जमानत मिल गई थी। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने इस मामले में धारा 156 (3) के तहत अदालत में प्रार्थनापत्र दिया था। अदालत में उपनिरीक्षक भुवन सिंह राणा संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। साक्ष्यों में विरोधाभास पाया गया। एक सिपाही को सिर्फ खरोंच आई थी। अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद दोनों आरोपियों को बरी कर दिया।
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