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बड़े नोट न लेने से आंचल दूध विक्रेता परेशान
अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
Updated Tue, 15 Nov 2016 01:28 AM IST
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लालकुआं दुग्ध उत्पादन सहकारी संघ द्वारा सोमवार को आंचल दुग्ध एवं अन्य उत्पाद विक्रेताओं से 500 एवं 1000 रुपए के नोट न लिए जाने से उपभोक्ताओं को दूध के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। इधर, कई विक्रेताओं द्वारा इस कारण आंचल दूध न बेचने की चेतावनी दिए जाने से फैक्ट्री प्रबंधन में खलबली मची है। मंगलवार को दूध विक्रेताओं से 500 एवं 1000 के नोट लिए जाएंगे या नहीं इसका निर्णय तड़के पांच बजे किया जाएगा।
आवश्यक सेवाओं के दायरे में आने वाले क्षेत्रों में सरकार ने 500 एवं 1000 के नोट लेने की छूट 24 नवंबर तक बढ़ा दी है। लालकुआं दुग्ध उत्पादन सहकारी संघ द्वारा संचालित आंचल दूध फैक्ट्री प्रबंधन ने 11 एवं 12 को आंचल दूध विक्रेताओं से बड़े नोट नही लिए। इससे जनता को खासी परेशानी हुई।
बाद में 13 नवंबर को फैक्ट्री प्रबंधन ने बड़े नोट लिए, उसके बाद फिर 14 नवंबर का आदेश बदल दिया तथा बड़े नोट नहीं लिए गए। बता दें कि सोमवार को रामपुर रोड पंचायतघर समेत कई दुग्ध सहकारी समितियों ने भी बड़े नोटों की वजह से भुगतान नहीं किया। यह मामला डेयरी निदेशक ललित मोहन रयाल के सामने भी गया। निदेशक ने फैक्ट्री प्रबंधन को दिशा निर्देश जारी किए। इधर, फैक्ट्री के सामान्य प्रबंधक पीसी शर्मा ने देर शाम बताया कि है कि वह इस बारे में स्थिति स्पष्ट करने के प्रयास में लगे हैं। बताया कि एजेंटों को दूध का वितरण सुबह छह बजे से किया जाता है। इससे पहले पांच बजे ही मंगलपड़ाव विपणन कार्यालय में बैठक कर निर्णय लिया जाएगा कि बड़े नोट लिए जाएंगे या नहीं।
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आवश्यक सेवाओं के दायरे में आने वाले क्षेत्रों में सरकार ने 500 एवं 1000 के नोट लेने की छूट 24 नवंबर तक बढ़ा दी है। लालकुआं दुग्ध उत्पादन सहकारी संघ द्वारा संचालित आंचल दूध फैक्ट्री प्रबंधन ने 11 एवं 12 को आंचल दूध विक्रेताओं से बड़े नोट नही लिए। इससे जनता को खासी परेशानी हुई।
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बाद में 13 नवंबर को फैक्ट्री प्रबंधन ने बड़े नोट लिए, उसके बाद फिर 14 नवंबर का आदेश बदल दिया तथा बड़े नोट नहीं लिए गए। बता दें कि सोमवार को रामपुर रोड पंचायतघर समेत कई दुग्ध सहकारी समितियों ने भी बड़े नोटों की वजह से भुगतान नहीं किया। यह मामला डेयरी निदेशक ललित मोहन रयाल के सामने भी गया। निदेशक ने फैक्ट्री प्रबंधन को दिशा निर्देश जारी किए। इधर, फैक्ट्री के सामान्य प्रबंधक पीसी शर्मा ने देर शाम बताया कि है कि वह इस बारे में स्थिति स्पष्ट करने के प्रयास में लगे हैं। बताया कि एजेंटों को दूध का वितरण सुबह छह बजे से किया जाता है। इससे पहले पांच बजे ही मंगलपड़ाव विपणन कार्यालय में बैठक कर निर्णय लिया जाएगा कि बड़े नोट लिए जाएंगे या नहीं।
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