{"_id":"5f31ab9d8ebc3e4143256a8f","slug":"today-will-be-a-birthday-tomorrow-will-be-janmashtami-of-vaishnavas-haldwani-news-hld392960480","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्मार्त की आज, वैष्णवों की कल होगी जन्माष्टमी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्मार्त की आज, वैष्णवों की कल होगी जन्माष्टमी
विज्ञापन
जन्माष्टमी के अवसर पर बाजार में बिकती राधा कृष्ण की पोशाकें। अमर उजाला
- फोटो : HALDWANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्द्वानी। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मंगलवार को मनाया जाएगा। इसके लिए मंदिरों में व्यापक तैयारियां की गई हैं। जन्मोत्सव मनाने वाले स्मार्त (शैव मतावलंबी) लोग 11 अगस्त को जन्माष्टमी का पर्व मनाएंगे जबकि वैष्णव (विष्णु मतावलंबी) लोग जन्म के बाद का उत्सव मनाते हैं। ज्योतिषाचार्य डॉ. नवीन चंद्र बेलवाल, एमके उपाध्याय और डॉ. नवीन चंद्र जोशी ने बताया कि दोनों ही दिन श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व मनाया जाएगा। पहले दिन स्मार्तानाम और दूसरे दिन वैष्णवानाम अष्टमी होगी।
अष्टमी मंगलवार को सुबह 9 बजकर 6 मिनट से शुरू होकर 12 अगस्त को पूर्वाह्न 11 बजकर 15 मिनट तक रहेगी। जन्मोत्सव मनाने वाले स्मार्त लोग 11 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाएंगे जब कि वैष्णव लोग जन्म के बाद का उत्सव मनाते हैं वह 12 अगस्त को जन्माष्टमी पर्व मनाएंगे। उन्होंने बताया कि स्मार्त मंगलवार रात 12 बजे पूजन करेंगे जबकि वैष्णव दूसरे दिन किसी भी समय पूजन करेंगे। इस बार रोहिणी नक्षत्र 12 अगस्त को रात 3.32 बजे से शुरू हो रहा है तब नवमीं तिथि होगी।
अंक ज्योतिषी अशोक वार्ष्णेय के अनुसार रात्रिपूजन में भगवान कृष्ण के बालरूप यानी लड्डू गोपाल को एक पात्र में रखकर गंगाजल से स्नान करा नव वस्त्र धारण कराएं और सामर्थ्यानुसार शृंगार कर घी का दीपक, धूप जलाकर सात्विक भोग लगाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन
अष्टमी मंगलवार को सुबह 9 बजकर 6 मिनट से शुरू होकर 12 अगस्त को पूर्वाह्न 11 बजकर 15 मिनट तक रहेगी। जन्मोत्सव मनाने वाले स्मार्त लोग 11 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाएंगे जब कि वैष्णव लोग जन्म के बाद का उत्सव मनाते हैं वह 12 अगस्त को जन्माष्टमी पर्व मनाएंगे। उन्होंने बताया कि स्मार्त मंगलवार रात 12 बजे पूजन करेंगे जबकि वैष्णव दूसरे दिन किसी भी समय पूजन करेंगे। इस बार रोहिणी नक्षत्र 12 अगस्त को रात 3.32 बजे से शुरू हो रहा है तब नवमीं तिथि होगी।
विज्ञापन
अंक ज्योतिषी अशोक वार्ष्णेय के अनुसार रात्रिपूजन में भगवान कृष्ण के बालरूप यानी लड्डू गोपाल को एक पात्र में रखकर गंगाजल से स्नान करा नव वस्त्र धारण कराएं और सामर्थ्यानुसार शृंगार कर घी का दीपक, धूप जलाकर सात्विक भोग लगाएं।
विज्ञापन