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शराब कारोबारी नेता प्रतिपक्ष से मिले आज दुकानें रहेगी बंद
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हल्द्वानी। शराब कारोबारी अपनी मांग को लेकर बृहस्पतिवार को नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश से मिले। नेता प्रतिपक्ष ने इस मामले में सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत से बात की। कहा कि शराब कारोबारियों की समस्या का समाधान किया जाएगा। नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि उन्होंने कुमाऊं के आबकारी उपायुक्त केके कांडपाल से भी बात की और शराब कारोबारियों पर अनावश्यक दबाव न बनाने का अनुरोध किया।
सरस मार्केट स्थित एक रेस्टोरेंट में हुई बैठक में शराब कारोबारियों ने कहा कि वर्तमान हालात में शराब का कारोबार घाटे का सौदा है। पर्यटन बंद है। शादी समारोहों के लिए भी अब शराब की खपत नाम मात्र की रह गई है। बिक्री पहले की अपेक्षा एक चौथाई है। सरकार पहले जैसे टैक्स और अधिभार वसूलने पर अड़ी है। ऐसे हालात में कारोबारियों को मकान और जमीन बेचकर पैसा चुकाना होगा।
चर्चा के बाद तय किया कि पहले 15 मई को सभी लोग ठेका बंद कर सांकेतिक हड़ताल करेंगे। सीएम को बताया जाएगा कि सरकार बिक्री के हिसाब से टैक्स और अधिभार वसूले। आमदनी नहीं है। ऐसे में कारोबारी पैसा कहां से चुकता करेंगे।
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शराब कारोबारियों ने नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश को बताया कि सरकार ने उनके ऊपर कोटा सिस्टम थोप दिया है। वे बिक्री के हिसाब से टैक्स देना चाहते हैं। सरकार एक बार में ही टैक्स लगा दे। पिछली दुकानों का दस दिन का अधिभार सरकार वापस करें।
बैठक में नवनीत अग्रवाल, बिक्की चौधरी, गिरीश सिंह नेगी उर्फ पप्पू सिंह, सतीश जायसवाल, मोहन सिंह बिष्ट, बाबू राम जायसवाल, विपिन कांडपाल शामिल थे।
कारोबारी सीएम से मिलेंगे
शराब कारोबारियों का कहना है कि कोटा को हटाने और ब्रिकी पर टैक्स देने की मांग को लेकर वे सीएम रावत से मुलाकात करेंगे। सीएम को मूल समस्याओं से अवगत कराया जाएगा, अन्यथा कारोबार करना मुश्किल होगा।
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सरस मार्केट स्थित एक रेस्टोरेंट में हुई बैठक में शराब कारोबारियों ने कहा कि वर्तमान हालात में शराब का कारोबार घाटे का सौदा है। पर्यटन बंद है। शादी समारोहों के लिए भी अब शराब की खपत नाम मात्र की रह गई है। बिक्री पहले की अपेक्षा एक चौथाई है। सरकार पहले जैसे टैक्स और अधिभार वसूलने पर अड़ी है। ऐसे हालात में कारोबारियों को मकान और जमीन बेचकर पैसा चुकाना होगा।
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चर्चा के बाद तय किया कि पहले 15 मई को सभी लोग ठेका बंद कर सांकेतिक हड़ताल करेंगे। सीएम को बताया जाएगा कि सरकार बिक्री के हिसाब से टैक्स और अधिभार वसूले। आमदनी नहीं है। ऐसे में कारोबारी पैसा कहां से चुकता करेंगे।
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शराब कारोबारियों ने नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश को बताया कि सरकार ने उनके ऊपर कोटा सिस्टम थोप दिया है। वे बिक्री के हिसाब से टैक्स देना चाहते हैं। सरकार एक बार में ही टैक्स लगा दे। पिछली दुकानों का दस दिन का अधिभार सरकार वापस करें।
बैठक में नवनीत अग्रवाल, बिक्की चौधरी, गिरीश सिंह नेगी उर्फ पप्पू सिंह, सतीश जायसवाल, मोहन सिंह बिष्ट, बाबू राम जायसवाल, विपिन कांडपाल शामिल थे।
कारोबारी सीएम से मिलेंगे
शराब कारोबारियों का कहना है कि कोटा को हटाने और ब्रिकी पर टैक्स देने की मांग को लेकर वे सीएम रावत से मुलाकात करेंगे। सीएम को मूल समस्याओं से अवगत कराया जाएगा, अन्यथा कारोबार करना मुश्किल होगा।