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आतंकित बाघिन केे लिए अब भगवान का सहारा
अमर उजाला ब्यूरो रामनगर
Updated Thu, 20 Oct 2016 01:08 AM IST
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combing for tiger
- फोटो : AmarUjala
क्षेत्र में आदमखोर बाघिन का खौफ लगातार 44वें दिन भी जारी रहा। लगातार मिल रही असफलताओं के बाद विभागीय लोगों के कहने पर ग्रामीण बाघिन को मारने या पकड़ने के लिए भगवान की शरण में पहुंच गए हैं। इस संयुक्त आयोजन में विभाग के भी अधिकारी शामिल हुए।
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बुधवार को तल्ला कानियां स्थित ग्राम देवी मां भगवती मंदिर में समपुट पाठ के साथ जहां हवन पूजन किया गया। वहीं, महिलाओं ने भजन-कीर्तन कर मां भगवती से आदमखोर बाघिन से निजात दिलाने की प्रार्थना की।
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तल्ला कानियां निवासी हरीश चंद्र पंत ने बताया कि विभागीय लोगों के कहने पर संयुक्त आयोजन किया जा रहा है। पंडित राम दत्त पांडेय ने पूजा अर्चना कराई। इसमें एसडीओ कलम सिंह बिष्ट, बलवंत सिंह शाही के साथ मुख्य यजमान पूरन चंद्र जोशी व नवीन चंद्र पांडेय पत्नी के साथ हवन में शामिल हुए। इधर, रोज की तरह कांबिंग की गई, लेकिन पंजों के निशान के अलावा विभाग को कुछ नहीं मिला।
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22 को कार्बेट पार्क बंद का ऐलान
आदमखोर बाघिन पर काबू पाने के लिए वन विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों से संघर्ष समिति को अवगत कराने के लिए डीएफओ तराई पश्चिमी कहकशां नसीम ने समिति के पदाधिकारियों की अपने कार्यालय में बैठक बुलाई। इसमें समिति ने मांग की कि वन विभाग द्वारा बनाए गए मचानों पर 24 घंटे के लिए शिकारी तैनात किए जाएं।
किसानों को नुकसान का बाजार दरों पर मुआवजा दिया जाए। समिति ने विरोध दर्ज कराया कि 18 अक्तूबर को सेमलखलिया में बाघिन की मौजूदगी की सूचना दी गई, लेकिन सीटीआर का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
समिति के सह संयोजक महेश जोशी ने फिर दोहराया कि जल्द ही बाघिन पकड़ी या मारी नहीं गई तो 22 अक्तूबर को कार्बेट पार्क को बंद कराया जाएगा। बैठक में जोगा सिंह, कमलेश शर्मा, कमला देवी, हीरा सिंह, रमेश अधिकारी, कमल अधिकारी, रिकूं रौतेला, गोपाल मेहरा, धर्मवीर शर्मा, तारा नेगी, धनेश्वरी घिल्डियाल, प्रभात ध्यानी, राकेश चौहान, पीसी जोशी, रेवाधर भट्ट आदि थे।