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Haldwani: बाघ बढ़े पर घट गए जंगल के पहरेदार, तस्करी और मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करना बना चुनौती
Sun, 10 Sep 2023 05:04 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
विजेंद्र श्रीवास्तव, अमर उजाला, हल्द्वानी
विजेंद्र श्रीवास्तव, अमर उजाला, हल्द्वानी
Published by: हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 10 Sep 2023 05:04 PM IST
सार
राज्य में 560 बाघ हैं, इनमें पश्चिमी वृत्त के अधीन आने वाले रामनगर, तराई पश्चिम, हल्द्वानी, तराई पूर्वी और तराई केंद्रीय वन प्रभाग में ही 216 बाघ हैं जो वर्ष-2018 के आंकलन 140 से 76 अधिक हैं।
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बाघ
- फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
विस्तार
हल्द्वानी में तराई के जंगल (पश्चिमी वृत्त) में बाघों की तादाद तो बढ़ी पर जंगल के पहरेदारों की संख्या कम हो गई है। ऐसे में बाघों को तस्करों से बचाना और मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। पश्चिमी वृत्त में दो महीने में तीन बाघ की खाल बरामद हो चुकी हैं। टाइगर रिजर्व की तरह यहां विशेष बजट की भी कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में बाघों की सुरक्षा को लेकर चिंता गहरा गई है।
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राज्य में 560 बाघ हैं, इनमें पश्चिमी वृत्त के अधीन आने वाले रामनगर, तराई पश्चिम, हल्द्वानी, तराई पूर्वी और तराई केंद्रीय वन प्रभाग में ही 216 बाघ हैं जो वर्ष-2018 के आंकलन 140 से 76 अधिक हैं। इससे जंगलात की खुशी के साथ चिंता भी बढ़ी हुई है, क्योंकि बाघों को शिकारियों से बचाने के लिए फील्ड स्टाफ की बेहद कमी है। यहां स्वीकृत पदों के सापेक्ष कार्यरत 384 फॉरेस्ट गार्ड कम हैं। 770 फॉरेस्ट गार्ड के स्वीकृत पद की तुलना में केवल 386 ही काम कर रहे हैं।
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प्रभाग स्वीकृत पद कार्यरत कर्मी रिक्त
हल्द्वानी 123 50 73
तराई केंद्रीय 148 72 76
तराई पूर्वी 236 128 108
तराई पश्चिम 143 81 62
रामनगर 120 55 65
पश्चिम वृत्त में बाघों की संख्या बढ़ी है। सुरक्षा को लेकर और इंतजाम बढ़ाने के लिए कैंपा समेत अन्य मदों से विशेष बजट की मांग की गई है। इसके अलावा अन्य जो कमियां हैं, उसमें भी सुधार का प्रयास किया जाएगा।
- प्रसन्न पात्रो, मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं।