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तीन साल पहले मानकों के लिए चेताया गया था प्रबंधनों को
कैलाश पाठक, हल्द्वानी
Updated Tue, 10 May 2016 12:55 AM IST
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संस्कृत महाविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला
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उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय द्वारा खत्म की गई 10 संस्कृत महाविद्यालयों में कुमाऊं के सनातन धर्म संस्कृत महाविद्यालय काशीपुर, संस्कृत महाविद्यालय कमेड़ीदेवी (बागेश्वर) और सनातन धर्म संस्कृत महाविद्यालय रेलवे बाजार हल्द्वानी शामिल हैं। संबद्धता खत्म करने से पहले विवि शिक्षा परिषद और कार्य परिषद ने तीन साल पहले इन कॉलेजों को मानक पूरे करने के निर्देश दिए थे। संबद्धता खत्म होने वाले यह महाविद्यालय भी अब अन्य संस्कृत विद्यालयों की श्रेणी में आ गए हैं। कुमाऊं में अब मात्र दो ही संस्कृत महाविद्यालय अस्तित्व में रहेंगे।
सनातन धर्म संस्कृत महाविद्यालय रेलवे बाजार के प्रधानाचार्य डॉ. नवीन चंद्र बेलवाल और शिक्षक महेश चंद्र जोशी के मुताबिक कॉलेज के पास खेल मैदान, शिक्षक और पुस्तकालय नहीं है। कॉलेज के पास अपना परिसर होना जरूरी है। यह भवन भी सनातन धर्म महासभा का है। मानकों के तहत छात्र संख्या कम से कम महाविद्यालय स्तर पर 30 होनी चाहिए। पिछले साल तक तो किसी तरह छात्र संख्या का मानक पूरा किया गया था, लेकिन अब छात्र संख्या का मानक भी पूरा नहीं हो पा रहा है। उन्होंने बताया कि पूर्व मध्यमा व उत्तर मध्यमा स्तर तक पढ़ाने के लिए स्टाफ पर्याप्त है। पांच शिक्षक अनुदान से रखे गए हैं, जबकि दो स्थायी हैं। अब यहां पूर्व मध्यमा और उत्तर मध्यमा की पढ़ाई होगी। नए सत्र से महाविद्यालय स्तर पर एडमिशन नहीं होंगे। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अभी उनके पास इस आशय का कोई शासनादेश नहीं आया है। शासनादेश आने के बाद इस पर अमल किया जाएगा।
अब उत्तर मध्यमा के हो जाएंगे 12 विद्यालय
हल्द्वानी। शिक्षक महेश चंद्र जोशी ने बताया कि अब तक पांच कॉलेजों के अलावा नौ पूर्व मध्यमा विद्यालय थे। जो इंटरमीडिएट तक की शिक्षा देते हैं। अब इनकी संख्या 12 हो जाएगी। जिनमें संबद्धता समाप्ति वाले कॉलेज भी शामिल हो जाएंगे। इन विद्यालयों में रामनगर, नैनीताल, कपिलाश्रमी हल्द्वानी, चंपावत, गोवर्सा कनालीछीना (पिथौरागढ़), रानीखेत, बिनसर महादेव, झीपादेवी (भतरौंजखान), मानिला के साथ ही अब सनातन धर्म संस्कृत महाविद्यालय रेलवे बाजार, कमेड़ीदेवी (बागेश्वर) और सनातन धर्म संस्कृत महाविद्यालय काशीपुर शामिल हो जाएंगे।
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कुमाऊं में अब दो ही रहेंगे संस्कृत महाविद्यालय
हल्द्वानी। कुमाऊं में मानक पूरे करने वाले दो ही कॉलेज अब शास्त्री (स्नातक) और आचार्य (स्नात्तकोत्तर) में पढ़ाई करा सकेंगे। अन्य को इंटरमीडिएट तक ही पढ़ाई कराने की अनुमति होगी। इन दोनों कॉलेजों में संस्कृत महाविद्यालय देवीधूरा (चंपावत) और श्री महादेव गिरि संस्कृत महाविद्यालय हल्द्वानी शामिल हैं।
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सनातन धर्म संस्कृत महाविद्यालय रेलवे बाजार के प्रधानाचार्य डॉ. नवीन चंद्र बेलवाल और शिक्षक महेश चंद्र जोशी के मुताबिक कॉलेज के पास खेल मैदान, शिक्षक और पुस्तकालय नहीं है। कॉलेज के पास अपना परिसर होना जरूरी है। यह भवन भी सनातन धर्म महासभा का है। मानकों के तहत छात्र संख्या कम से कम महाविद्यालय स्तर पर 30 होनी चाहिए। पिछले साल तक तो किसी तरह छात्र संख्या का मानक पूरा किया गया था, लेकिन अब छात्र संख्या का मानक भी पूरा नहीं हो पा रहा है। उन्होंने बताया कि पूर्व मध्यमा व उत्तर मध्यमा स्तर तक पढ़ाने के लिए स्टाफ पर्याप्त है। पांच शिक्षक अनुदान से रखे गए हैं, जबकि दो स्थायी हैं। अब यहां पूर्व मध्यमा और उत्तर मध्यमा की पढ़ाई होगी। नए सत्र से महाविद्यालय स्तर पर एडमिशन नहीं होंगे। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अभी उनके पास इस आशय का कोई शासनादेश नहीं आया है। शासनादेश आने के बाद इस पर अमल किया जाएगा।
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अब उत्तर मध्यमा के हो जाएंगे 12 विद्यालय
हल्द्वानी। शिक्षक महेश चंद्र जोशी ने बताया कि अब तक पांच कॉलेजों के अलावा नौ पूर्व मध्यमा विद्यालय थे। जो इंटरमीडिएट तक की शिक्षा देते हैं। अब इनकी संख्या 12 हो जाएगी। जिनमें संबद्धता समाप्ति वाले कॉलेज भी शामिल हो जाएंगे। इन विद्यालयों में रामनगर, नैनीताल, कपिलाश्रमी हल्द्वानी, चंपावत, गोवर्सा कनालीछीना (पिथौरागढ़), रानीखेत, बिनसर महादेव, झीपादेवी (भतरौंजखान), मानिला के साथ ही अब सनातन धर्म संस्कृत महाविद्यालय रेलवे बाजार, कमेड़ीदेवी (बागेश्वर) और सनातन धर्म संस्कृत महाविद्यालय काशीपुर शामिल हो जाएंगे।
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कुमाऊं में अब दो ही रहेंगे संस्कृत महाविद्यालय
हल्द्वानी। कुमाऊं में मानक पूरे करने वाले दो ही कॉलेज अब शास्त्री (स्नातक) और आचार्य (स्नात्तकोत्तर) में पढ़ाई करा सकेंगे। अन्य को इंटरमीडिएट तक ही पढ़ाई कराने की अनुमति होगी। इन दोनों कॉलेजों में संस्कृत महाविद्यालय देवीधूरा (चंपावत) और श्री महादेव गिरि संस्कृत महाविद्यालय हल्द्वानी शामिल हैं।